राजस्थान बनेगा आईटी और क्रिएटिव इंडस्ट्री का नया हब, डिजिफेस्ट 2026 से बढ़ेगी रफ्तार

आईटी, एआई, डेटा सेंटर और एवीजीसी नीतियों के जरिए राजस्थान को टेक्नोलॉजी हब बनाने की तैयारी

Jan 2, 2026 - 16:46
राजस्थान बनेगा आईटी और क्रिएटिव इंडस्ट्री का नया हब, डिजिफेस्ट 2026 से बढ़ेगी रफ्तार

राजस्थान सरकार प्रदेश को आईटी हब बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। भजनलाल शर्मा सरकार की रणनीति सिर्फ सूचना प्रौद्योगिकी तक सीमित नहीं है, बल्कि क्रिएटिव इंडस्ट्री को भी इसके केंद्र में रखा गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और एवीजीसी जैसे सेक्टरों पर एक साथ फोकस किया जा रहा है। इसी सोच का प्रतिबिंब 4 से 6 जनवरी तक जयपुर में होने वाला राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 माना जा रहा है।

दो साल में चार नई नीतियां, आईटी सेक्टर को रफ्तार

पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने आईटी और उभरती तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों के लिए चार अहम नीतियां लागू की हैं। इनमें राजस्थान एवीजीसी नीति 2024, राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी 2025, राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी 2025 और राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी 2026 शामिल हैं। इन नीतियों का उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, रोजगार बढ़ाना और राजस्थान को तकनीकी नवाचार का केंद्र बनाना है।

डेटा सेंटर सेक्टर पर सरकार का विशेष जोर

डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार डेटा सेंटर सेक्टर को प्राथमिकता दे रही है। जयपुर स्थित भामाशाह डेटा सेंटर पहले ही 800 रैक क्षमता वाला अत्याधुनिक टियर-4 डेटा सेंटर बन चुका है। अब निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी 2025 लागू की गई है। इसके तहत 10 वर्षों तक एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, ब्याज अनुदान, बिजली और भूमि से जुड़ी रियायतें, स्टांप ड्यूटी और बाह्य विकास शुल्क में छूट जैसे प्रावधान किए गए हैं। बड़े निवेशकों के लिए अतिरिक्त सनराइज इंसेंटिव भी नीति का हिस्सा है।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स से रोजगार की उम्मीद

सरकार का अगला बड़ा फोकस ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स यानी जीसीसी पर है। एनसीआर के नजदीक होने, बेहतर कनेक्टिविटी और अपेक्षाकृत कम लागत के चलते जयपुर को जीसीसी हब के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी 2025 के तहत वर्ष 2030 तक प्रदेश में 200 से अधिक जीसीसी स्थापित करने और करीब डेढ़ लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। जयपुर के साथ उदयपुर और जोधपुर को भी जीसीसी हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

क्रिएटिव इंडस्ट्री को नई पहचान देने की तैयारी

आईटी सेक्टर के साथ-साथ सरकार ने क्रिएटिव इंडस्ट्री पर भी बड़ा दांव लगाया है। राजस्थान एवीजीसी नीति 2024 के जरिए एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी से जुड़े स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की योजना है। इस नीति के तहत राज्य में बनने वाली एनिमेशन फिल्मों, गेम्स और कॉमिक्स को उत्पादन अनुदान दिया जाएगा। स्थानीय संस्कृति और लोककथाओं पर आधारित कंटेंट को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का भी प्रावधान किया गया है। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अटल इनोवेशन स्टूडियो और एक्सेलेरेटर स्थापित किए जाएंगे।

एआई के सुरक्षित और नैतिक उपयोग पर जोर

ई-गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए राजस्थान एआई एमएल पॉलिसी 2026 को अहम माना जा रहा है। इस नीति का लक्ष्य सरकारी सेवाओं को तेज, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाना है। साथ ही एआई के नैतिक और सुरक्षित उपयोग, डेटा सुरक्षा और एआई से जुड़े साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए स्पष्ट गाइडलाइन तय की गई हैं। प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भी इसी नीति का हिस्सा है।

आईस्टार्ट राजस्थान से मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम

आईस्टार्ट राजस्थान के तहत अब तक 7 हजार 200 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं। इन स्टार्टअप्स में एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आया है और 42 हजार 500 से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। सरकार डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 को इन प्रयासों के प्रदर्शन और नए निवेश आकर्षित करने के बड़े मंच के रूप में देख रही है।