राजस्थान में नशा तस्करी पर कड़ा प्रहार: गैंगस्टर्स और साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान
राजस्थान सरकार ने नशा तस्करी, गैंगस्टर्स और साइबर अपराध पर सख्त अभियान शुरू किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आधुनिक पुलिसिंग और सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में नशा-मुक्ति और अपराध नियंत्रण को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल गिरोहों पर सबसे कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जाए।
नशा तस्करी पर विशेष निगरानी
मुख्यमंत्री ने गृह विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि नशे की समस्या को जड़ से मिटाने के लिए इसकी सप्लाई चेन की पहचान की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सीमावर्ती जिलों में कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि नशे का अवैध प्रवेश रोका जा सके। साथ ही, छोटे-बड़े सभी नेटवर्क को पहचानकर ध्वस्त करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने पुलिस, ड्रग्स कंट्रोलर, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों को मिलकर अभियान चलाने को कहा। उन्होंने कहा कि नशे से जुड़े मामलों में तेजी से जांच हो और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी पैरवी की जाए, ताकि कठोर दंड सुनिश्चित हो सके।
साइबर अपराध के खिलाफ भी चलेगी मुहिम
मुख्यमंत्री ने बढ़ते साइबर अपराधों को गंभीर बताते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं ज्यादा हो रही हैं, वहां विशेष अभियान चलाया जाए। यह अभियान तब तक जारी रहे, जब तक साइबर अपराध पूरी तरह समाप्त न हो जाएं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा हर 10 दिन में की जाए और किसी भी ढिलाई पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
मॉडर्न पुलिसिंग की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में अपराध भी तकनीकी होते जा रहे हैं, इसलिए पुलिस को आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाना होगा। हाईटेक उपकरणों और डिजिटल टूल्स के जरिए पुलिसिंग को और मजबूत किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा समाज और परिवारों पर गहरा असर डालता है। इसलिए स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। साथ ही, पुलिस सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर पॉक्सो एक्ट और अन्य कानूनों की जानकारी आमजन तक पहुंचाए। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जबकि अन्य जिलों के अधिकारी वीसी के माध्यम से शामिल हुए।