राजस्थान रिफाइनरी: पचपदरा में निर्णायक चरण, क्रूड की पहली खेप पहुंची, उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर!
एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) की 9 MMTPA क्षमता वाली एकीकृत रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पचपदरा (बालोतरा/बाड़मेर, राजस्थान) में अब अंतिम चरण में है। निर्माण कार्य लगभग पूरा (90-96% तक), प्री-कमीशनिंग और टेस्टिंग जारी।
पचपदरा (बाड़मेर), 13 जनवरी 2026 — राजस्थान का सबसे बड़ा औद्योगिक सपना अब हकीकत बनने के करीब पहुंच गया है। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) की 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता वाली यह एकीकृत रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स अब अपने अंतिम एवं निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। नए साल की शुरुआत के साथ ही यहां टेस्टिंग और कमीशनिंग की गतिविधियां तेज हो गई हैं, और मुंद्रा पोर्ट से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की पहली खेप सफलतापूर्वक पहुंच चुकी है।
10 जनवरी को अरब मिक्स क्रूड की यह महत्वपूर्ण खेप पचपदरा रिफाइनरी पहुंची। मुंद्रा पोर्ट से करीब 700 किलोमीटर लंबी अत्याधुनिक पाइपलाइन (एएमपीएल - अरब मिक्स पाइपलाइन) के माध्यम से यह सफर मात्र 21 दिनों में पूरा हुआ। पाइपलाइन की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए पहले 21,000 किलोलीटर पानी पंप किया गया था, जो एक बफर के रूप में काम किया। एचपीसीएल पाइपलाइन टीम ने इस जटिल प्रक्रिया को बेहद कुशलता से संभाला, जिस पर कार्मिकों ने खुशी जताई। यह पाइपलाइन आधुनिक ऊर्जा लॉजिस्टिक्स का शानदार उदाहरण है, जो अब गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय क्रूड को रिफाइनरी तक लाने में सक्षम है।
रिफाइनरी का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। प्रशासन ने उद्घाटन की तैयारियां शुरू कर दी हैं — रैली स्थल चयन से लेकर आने-जाने के साधन, सुरक्षा व्यवस्था और फूड पैकेट तक की प्लानिंग जोर-शोर से चल रही है। हालांकि पहले 28 जनवरी संभावित तारीख बताई जा रही थी, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय से अब तक अंतिम तिथि फाइनल नहीं हुई है। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, जनवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन की संभावना मजबूत है, जो राजस्थान के लिए ऐतिहासिक क्षण साबित होगा।
रिफाइनरी की प्रमुख खासियतें
भारत की पहली एकीकृत रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना।
बीएस-6 मानक के ईंधन उत्पादन (पेट्रोल, डीजल, जेट फ्यूल आदि)।
जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक, जो पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करती है — कोई अपशिष्ट जल बाहर नहीं निकलेगा।
राजस्थान के स्थानीय क्रूड (बाड़मेर से) के अलावा आयातित क्रूड (अरब मिक्स) को भी प्रोसेस करने की क्षमता।
पेट्रोकेमिकल उत्पाद जैसे पॉलीप्रोपाइलीन, एलएलडीपीई, एचडीपीई आदि का उत्पादन।
रिफाइनरी के शुरू होने से क्षेत्र में बड़े बदलाव आने वाले हैं। बोरावास और कलावा में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहे हैं, जबकि बालोतरा से रिफाइनरी तक लगभग 12 किमी नई रेलवे लाइन बिछाने की स्वीकृति मिल चुकी है। इससे रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और औद्योगिक निवेश को नई गति मिलेगी।