राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा 2026: 17 से 20 जनवरी तक होगा आयोजन, 9.54 लाख अभ्यर्थी शामिल
राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा 17 से 20 जनवरी तक होगी। लेवल वन-टू परीक्षा, ई-प्रवेश पत्र, डिजिटल सत्यापन और सख्त सुरक्षा व्यवस्था।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) के लिए नए साल की शुरुआत एक बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती के साथ हो रही है। जनवरी महीने में बोर्ड को शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन करना है, जिसमें प्रदेश भर से लाखों अभ्यर्थी शामिल होंगे। इस परीक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं और बोर्ड इसे पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने का दावा कर रहा है।
चार दिनों में होगी परीक्षा, दो स्तरों पर आयोजन
शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन दो स्तरों में किया जाएगा—लेवल वन और लेवल टू। लेवल वन की परीक्षा 17 जनवरी को आयोजित होगी, जबकि लेवल टू की परीक्षा 18, 19 और 20 जनवरी को अलग-अलग दिनों में होगी। इस तरह यह परीक्षा कुल चार दिनों तक चलेगी।बोर्ड के अनुसार, सभी परीक्षाएं एक ही पाली में आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक परीक्षा की अवधि ढाई घंटे तय की गई है। परीक्षा के समय और शिफ्ट को लेकर अभ्यर्थियों को ई-प्रवेश पत्र में पूरी जानकारी दी जाएगी।
करीब 9.54 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
इस शिक्षक भर्ती परीक्षा में कुल 9 लाख 54 हजार अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की मौजूदगी के कारण यह परीक्षा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के लिए एक तरह की “अग्नि परीक्षा” मानी जा रही है। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए बोर्ड और जिला प्रशासन के स्तर पर समन्वय किया जा रहा है।
12 जनवरी को जारी होंगे ई-प्रवेश पत्र
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से पहले 12 जनवरी को ई-प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से अपना ई-प्रवेश पत्र डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। बिना ई-प्रवेश पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय रहते प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लें और उसमें दर्ज जानकारी को ध्यान से जांच लें।
पहली बार सख्ती से लागू होगी डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया
इस बार शिक्षक भर्ती परीक्षा में डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है। यह पहली बार है जब राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड इतनी बड़ी परीक्षा में डिजिटल सत्यापन को सख्ती से लागू कर रहा है।अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य फर्जी अभ्यर्थियों और नकल जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाना है।
राज्यभर में बनाए गए परीक्षा केंद्र
परीक्षा का आयोजन राजस्थान के सभी जिलों में किया जाएगा। इसके लिए बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल को रोका जा सके। प्रश्न पत्रों की गोपनीयता को लेकर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
समय से पहले पहुंचना अनिवार्य, सख्त निर्देश जारी
बोर्ड ने अभ्यर्थियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उन्हें निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। देरी से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी स्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर अभ्यर्थी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा का दावा
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड का कहना है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित किया जाएगा। सुरक्षा, तकनीक और निगरानी के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।बोर्ड को उम्मीद है कि इन कड़े प्रबंधों के चलते परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न होगी, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।