नारे लगाने पर छात्र पर भड़कीं SDM: “नेता मत बनो”, टीचर ट्रांसफर के विरोध में धरने पर बेहोश हुईं छात्राएं

भीलवाड़ा जिले के नंदराय कस्बे में राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल के भूगोल लेक्चरर शंकरलाल जाट का 11 जनवरी को ट्रांसफर होने से छात्र-छात्राएं नाराज हो गए। 12 जनवरी से वे स्कूल परिसर में धरना दे रहे हैं, जिसमें अब ग्रामीण और अभिभावक भी शामिल हो गए हैं।

Jan 16, 2026 - 15:54
नारे लगाने पर छात्र पर भड़कीं SDM: “नेता मत बनो”, टीचर ट्रांसफर के विरोध में धरने पर बेहोश हुईं छात्राएं

भीलवाड़ा (राजस्थान), 16 जनवरी 2026: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के नंदराय कस्बे में एक स्कूल लेक्चरर के ट्रांसफर ने ऐसा बवाल मचा दिया है कि छात्र-छात्राएं पिछले चार दिनों से धरने पर बैठे हैं। विरोध इतना तीव्र है कि गुरुवार शाम को सात छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। सुबह से भूखी बैठी ये छात्राएं अचानक बदहवास हो गईं, दो बेहोश हो गईं, जबकि बाकी पांच रोने लगीं। स्कूल स्टाफ और साथी छात्रों ने उन्हें पानी पिलाकर संभाला, लेकिन घटना ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं इस दिलचस्प और भावुक कहानी को विस्तार से।

ट्रांसफर की आग: लेक्चरर शंकरलाल जाट की विदाई ने उबाला छात्रों का गुस्सा

बात शुरू होती है 11 जनवरी से, जब राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल, नंदराय में भूगोल के लेक्चरर शंकरलाल जाट का ट्रांसफर भीलवाड़ा के राजेंद्र मार्ग स्कूल में कर दिया गया। शंकरलाल पिछले आठ साल से यहां पढ़ा रहे थे और छात्रों के बीच इतने लोकप्रिय थे कि बच्चे उन्हें 'शंकर सर' कहकर पुकारते थे। ट्रांसफर की खबर सुनते ही छात्र-छात्राओं में आक्रोश फैल गया। 12 जनवरी की शाम करीब 4 बजे से उन्होंने स्कूल परिसर में धरना शुरू कर दिया।जब कोई अधिकारी सुनवाई के लिए नहीं आया, तो ये नौजवान रात को धरना स्थल पर ही सो गए। कड़ाके की ठंड में भी वे तीन दिनों से यहीं डटे हुए हैं। इतना ही नहीं, 14 जनवरी को तो छात्रों ने टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) कटवाने तक की धमकी दे दी। ग्रामीण और परिजन भी बच्चों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है, "बच्चों की खुशी में हमारी खुशी है। हमारी बस यही मांग है कि शंकर सर को वापस लाया जाए। उन्होंने बच्चों को उत्साहित करके पढ़ाया है, उनका जाना बच्चों के भविष्य के लिए नुकसानदेह है।"धरने के दौरान छात्रों ने जोरदार नारे लगाए: "शंकर सर का ट्रांसफर रद्द करो!" और "जब-जब छात्र बोला है, राज सिंहासन डोला है!" स्कूल में करीब 600 छात्र पढ़ते हैं, लेकिन पिछले चार दिनों से पढ़ाई पूरी तरह ठप है। 

तबीयत बिगड़ी, बेहोशी का ड्रामा: सात छात्राओं की हालत देख सब हैरान

गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे धरने पर बैठी सात छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। ये लड़कियां सुबह से कुछ नहीं खाई थीं और लगातार विरोध प्रदर्शन में जुटी हुई थीं। दो छात्राएं तो सीधे बेहोश हो गईं, जबकि बाकी पांच बदहवास होकर रोने लगीं। साथी छात्रों और टीचर्स ने फौरन उन्हें पानी पिलाया और स्टाफ रूम में ले जाकर आराम दिया। डॉक्टर को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने चेकअप के बाद उन्हें घर भेज दिया।यह घटना धरने की तीव्रता को दर्शाती है। छात्राएं इतनी भावुक थीं कि उनका विरोध अब स्वास्थ्य पर भारी पड़ने लगा। स्कूल स्टाफ ने बताया कि बच्चे टीचर की वापसी के लिए इतने जिद्दी हैं कि खाने-पीने तक की परवाह नहीं कर रहे। 

SDM की एंट्री और तीखी बहस: "अमेरिका की पांच नदियां बताओ, नेता मत बनो!"

धरने के बीच दोपहर करीब 3 बजे SDM तान्या रिणवा छात्रों से बात करने पहुंचीं। मकसद था मामला सुलझाना, लेकिन बातचीत उलझ गई। एक छात्र खड़ा होकर नारे लगाने लगा, जिस पर SDM भड़क गईं। छात्र से बहस हो गई। SDM ने कहा, "अगर टीचर ने आपको पढ़ाया है, तो अमेरिका की पांच नदियों के नाम बताओ।"छात्र ने जवाब देने से इनकार कर दिया और बोला, "जब पेपर में क्वेश्चन आएगा, तो मैं लिख दूंगा।" इस पर SDM ने तल्ख लहजे में कहा, "आप नेता मत बनो। जो पूछा जा रहा है, उसका जवाब दो। पता है आप किससे बात कर रहे हो? ये कोई तरीका है बात करने का?" 

बहस और बढ़ गई। SDM ने आखिरकार कहा, "हमने आपकी मांग मान ली है। ट्रांसफर कब होगा, ये हम यहां नहीं बताएंगे। जो कार्रवाई होगी, वो डॉक्यूमेंट में कर दी जाएगी।" लेकिन छात्र फिर शोर मचाने लगे और बातचीत बेनतीजा रही। यह वाकया सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहां लोग SDM के सवाल को 'अजीब' बता रहे हैं।