उदयपुर में चलती ट्रेन पर पत्थरबाजी: तीन यात्री घायल, दो नाबालिग डिटेन
उदयपुर (राजस्थान) में 13 जनवरी 2026 को शाम को असारवा (अहमदाबाद) से इंदौर जा रही वीरभूमि एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 19316) पर सरसिया फाटक (जयसमंद और जावर माइंस स्टेशन के बीच) पत्थरबाजी हुई।
उदयपुर (राजस्थान), 15 जनवरी 2026: राजस्थान के उदयपुर जिले में अहमदाबाद (असारवा) से इंदौर जा रही ट्रेन वीरभूमि एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 19316) पर सोमवार, 13 जनवरी 2026 को शाम को पत्थरबाजी की घटना हुई। इस हमले में जनरल कोच में यात्रा कर रही एक महिला सहित तीन यात्री घायल हो गए। पत्थरों के कारण ट्रेन के कोच के शीशे टूट गए, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।घटना का वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। वीडियो में घायल यात्री दिखाई दे रहे हैं, जो अपनी चोटें दिखाते हुए घटना का ब्यौरा बता रहे हैं। यात्रियों ने बताया कि पत्थर ट्रेन के अंदर आकर गिरे, जिससे कई लोगों को चोट लगी।
घटना का विवरण
प्रत्यक्षदर्शियों और रेलवे सूत्रों के अनुसार, ट्रेन 13 जनवरी को शाम करीब 6:33 बजे जयसमंद रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी। जावर माइंस स्टेशन पहुंचने से पहले सरसिया फाटक के पास रेलवे ट्रैक के आसपास खड़े कुछ युवकों ने चलती ट्रेन पर पत्थर फेंके। पत्थर मुख्य रूप से जनरल कोच पर लगे, जहां शीशे टूटने से यात्री घायल हुए।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। आरपीएफ उदयपुर के इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में भारतीय रेल अधिनियम की धारा 153 और 147 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच शुरू कर दी गई है।
दो नाबालिग डिटेन
आरपीएफ की टीम ने सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह और एएसआई बिशनलाल के नेतृत्व में मुखबिर की सूचना पर दो नाबालिगों (दोनों की उम्र 14 वर्ष) को हिरासत में लिया। दोनों को बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेजने के आदेश दिए गए। जांच में इनकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है।
पहले भी हो चुकी ऐसी घटनाएं
यह क्षेत्र पत्थरबाजी की घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है। करीब दो साल पहले डूंगरपुर के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में बलवाड़ा रेलवे फाटक के पास असारवा जा रही एक सुपरफास्ट ट्रेन पर पत्थरबाजी हुई थी। उस समय कई बोगियों पर पत्थर लगे थे और एक बोगी का कांच टूट गया था, हालांकि किसी को चोट नहीं आई।
इसके अलावा, तीन साल पहले नवंबर 2022 में उदयपुर-डूंगरपुर रेल लाइन पर जावर माइंस के पास पटरियों को उड़ाने की साजिश रची गई थी। इसमें विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया था।
रेलवे की अपील और सुरक्षा चिंताएं
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें। इस तरह की घटनाएं न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि रेल संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाती हैं। क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए गश्त तेज करने और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय करने की बात कही जा रही है।