बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल का हमला शिक्षा की खुली पोल
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल का लोकसभा में सरकार पर तीखा हमला बच्चे स्कूल नहीं छोड़ रहे,सिस्टम उन्हें मजबूर कर रहा है
बाड़मेर लोकसभा में शिक्षा के गिरते स्तर और स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की बढ़ती संख्या को लेकर बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने केंद्र सरकार को जमकर घेरा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा दिए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि रेगिस्तानी और सीमावर्ती जिलों में शिक्षा की स्थिति चिंताजनक है बाड़मेर में 21.34% और जैसलमेर में 30.94% बच्चों का स्कूल छोड़ना सरकार की नीतियों की विफलता को दर्शाता है।
बढ़ती कक्षाओं के साथ खाली हो रहे स्कूल
सांसद बेनीवाल ने सदन में बताया कि जैसे-जैसे कक्षाएं ऊंची होती हैं, ड्रॉपआउट दर तेजी से बढ़ती है आंकड़ों के मुताबिक,बाड़मेर में माध्यमिक स्तर पर यह दर 12.16% है, जबकि जैसलमेर में 15.34% तक पहुंच गई है सांसद ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि माध्यमिक शिक्षा के बाद 50% से ज्यादा बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं उन्होंने सरकार के उन तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें गरीबी और खराब स्वास्थ्य को इसका मुख्य कारण बताया गया था बेनीवाल ने सवाल किया कि यदि सरकार स्कॉलरशिप और पोषण योजनाएं चला रही है,तो उनका असर जमीन पर क्यों नहीं दिख रहा?
बुनियादी सुविधाओं का अभाव सांसद ने इलाके की कड़वी सच्चाई उजागर करते हुए कहा कि लगभग 70% शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं और आधे स्कूलों में शौचालय या पीने के पानी जैसी सुविधाएं तक नहीं हैं उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बच्चे अपनी मर्जी से पढ़ाई नहीं छोड़ रहे,बल्कि सिस्टम की कमियां उन्हें ऐसा करने पर मजबूर कर रही हैं।उन्होंने मांग की कि रेगिस्तानी और सीमावर्ती जिलों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए एक अलग 'क्षेत्र-विशेष शिक्षा नीति'बनाई जाए ताकि इन बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।