अंता उपचुनाव: मोरपाल सुमन को BJP का नोटिस, ओम बिरला व विधायकों पर लगाए थे गंभीर आरोप

अंता उपचुनाव हार के बाद मोरपाल सुमन के आरोपों पर BJP सख्त, तीन दिन में जवाब का अल्टीमेटम।

Feb 3, 2026 - 08:47
अंता उपचुनाव: मोरपाल सुमन को BJP का नोटिस, ओम बिरला व विधायकों पर लगाए थे गंभीर आरोप

अंता विधानसभा उपचुनाव 2025 में भाजपा प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नोटिस जारी करते हुए कहा है कि सुमन ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों पर बिना ठोस प्रमाण के गंभीर आरोप लगाए और उन्हें सार्वजनिक किया। यह कृत्य पार्टी संविधान के अनुसार अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। नोटिस में उनसे तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है, अन्यथा यह माना जाएगा कि उन्हें आरोपों पर कुछ नहीं कहना है।

पत्र वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद

दरअसल, मोरपाल सुमन ने अपनी हार की समीक्षा करते हुए जिलाध्यक्ष, बारां को एक पत्र लिखा था, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पत्र में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित जिले के तीन भाजपा विधायकों और कई पार्टी पदाधिकारियों पर चुनाव हराने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि भीतरघात के कारण उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस प्रत्याशी की मदद का लगाया आरोप

मोरपाल सुमन ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि ओम बिरला की पूरी टीम ने उनके खिलाफ काम किया। उन्होंने दावा किया कि बारां के बड़े नेताओं को बड़ी राशि उपलब्ध कराई गई और मतदाताओं को प्रलोभन देकर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया की जीत में मदद की गई। इसके अलावा उन्होंने मंत्री हीरालाल नागर और उनके व्यवसायिक साझेदार मनोज शर्मा पर भी कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में राशि वितरण करने के आरोप लगाए।

मौजूदा विधायकों पर भी निशाना

पत्र में मोरपाल सुमन ने बारां जिले के तीनों भाजपा विधायकों प्रताप सिंह सिंघवी, ललित मीणा और राधेश्याम बैरवा पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें हराने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि अंता क्षेत्र में यह चर्चा थी कि यदि वे कांग्रेस प्रत्याशी को हरा देते हैं तो उन्हें मंत्री बनाए जाने की संभावना थी। इसी कारण तीनों विधायकों ने कथित रूप से उनके खिलाफ काम किया।

करीब साढ़े 15 हजार वोटों से मिली हार

अंता (बारां) विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने भाजपा के मोरपाल सुमन को 15,594 वोटों से हराया था। इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा तीसरे स्थान पर रहे। यह सीट पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी।

पार्टी छवि पर असर का दावा

भाजपा का कहना है कि इस तरह के सार्वजनिक आरोपों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है। इसलिए मोरपाल सुमन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि तय समय सीमा में सुमन क्या जवाब देते हैं और पार्टी आगे क्या कार्रवाई