घूसकांड में फंसे बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल सदाचार कमेटी के सामने पेश, चार्जशीट अगले हफ्ते

घूसकांड मामले में BAP विधायक जयकृष्ण पटेल और ACB अधिकारी सदाचार कमेटी के सामने पेश, चार्जशीट अगले हफ्ते

Jan 7, 2026 - 17:48
घूसकांड में फंसे बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल सदाचार कमेटी के सामने पेश, चार्जशीट अगले हफ्ते

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को सदाचार कमेटी की अहम बैठक हुई, जिसमें घूस लेने के आरोपों में घिरे भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक जयकृष्ण पटेल और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के जांच अधिकारी पेश हुए। कमेटी ने पूरे मामले को लेकर दोनों पक्षों से विस्तार से सवाल-जवाब किए। इस दौरान जांच अधिकारी ने कमेटी के सामने अब तक जुटाए गए साक्ष्य भी प्रस्तुत किए।

सदाचार कमेटी ने मांगे साक्ष्य

मामले की जांच कर रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप सारस्वत ने बताया कि सदाचार कमेटी ने उन्हें साक्ष्य देने के लिए बुलाया था। जांच से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और सबूत कमेटी को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी की ओर से कई बिंदुओं पर सवाल पूछे गए, जिनका उत्तर तथ्यों के आधार पर दिया गया है।

विधायक ने आरोपों से किया इनकार

वहीं, बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह से नकारा है। उन्होंने कहा कि वह निर्दोष हैं और उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। जांच अधिकारी संदीप सारस्वत ने भी कहा कि कानून के तहत हर व्यक्ति को अपने बचाव का अवसर मिलता है। सदाचार कमेटी के समक्ष पूछे गए सवालों के जवाब दिए गए हैं और आगे की प्रक्रिया जारी है।

अगले हफ्ते पेश होगी चार्जशीट

जांच अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस मामले में चार्जशीट तैयार की जा रही है और इसे अगले हफ्ते अदालत में पेश किया जाएगा। अभी तक इस केस में दो आरोपी हैं, जिन्हें नवंबर में गिरफ्तार किया गया था। जांच लगभग पूरी हो चुकी है और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

4 मई को हुई थी गिरफ्तारी

इस मामले की शुरुआत पिछले साल 4 मई को हुई थी, जब ACB ने बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल को जयपुर के ज्योति नगर स्थित उनके विधायक आवास से गिरफ्तार किया था। ACB की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ने का दावा किया था। गिरफ्तारी के बाद यह मामला प्रदेश की राजनीति में काफी चर्चा का विषय बन गया था।

विधानसभा सवालों को लेकर लगा आरोप

ACB के अनुसार, जयकृष्ण पटेल ने विधानसभा में खनन विभाग से जुड़े कुछ सवाल लगाए थे। आरोप है कि बाद में उन्हीं सवालों को वापस लेने के लिए उन्होंने भारी रिश्वत की मांग की। इस शिकायत के बाद ACB ने मामले की जांच शुरू की और जाल बिछाकर कार्रवाई की।

10 करोड़ की मांग, 2.5 करोड़ में सौदा तय

ACB का दावा है कि विधायक ने शुरुआत में सवाल वापस लेने के लिए 10 करोड़ रुपये की मांग की थी। बाद में यह रकम घटाकर 2.5 करोड़ रुपये पर सौदा तय हुआ। इसी लेन-देन के दौरान ACB ने कार्रवाई करते हुए विधायक समेत कुछ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था।

सभी आरोपियों को मिल चुकी है जमानत

इस घूसकांड में गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद जांच जारी है और अब चार्जशीट पेश होने के बाद मामले में अगला कानूनी चरण शुरू होगा।

राजनीति और सदन की छवि पर सवाल

यह मामला सिर्फ एक विधायक तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे विधानसभा की कार्यप्रणाली और राजनीतिक नैतिकता पर भी सवाल खड़े हुए हैं। सदाचार कमेटी की भूमिका को इस पूरे प्रकरण में बेहद अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजरें चार्जशीट और आगे होने वाली न्यायिक कार्रवाई पर टिकी हैं।