बाड़मेर में सरकारी स्कूल प्रिंसिपल पर छात्रा को अश्लील व्हाट्सएप संदेश भेजने का गंभीर आरोप: 11वीं कक्षा से प्यार का दावा किया, ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर हटाने की मांग की

बाड़मेर में प्रिंसिपल पर छात्रा को अश्लील संदेश भेजने का आरोप। चैट वायरल, प्रदर्शन।

Sep 16, 2025 - 18:08
बाड़मेर में सरकारी स्कूल प्रिंसिपल पर छात्रा को अश्लील व्हाट्सएप संदेश भेजने का गंभीर आरोप: 11वीं कक्षा से प्यार का दावा किया, ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर हटाने की मांग की
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बाड़मेर, राजस्थान: राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूल के प्रिंसिपल पर एक महिला छात्रा को अनुचित और अश्लील व्हाट्सएप संदेश भेजने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह मामला सोमवार को तब सुर्खियों में आ गया जब कथित चैट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गए। चैट में प्रिंसिपल ने छात्रा से अपनी भावनाओं का इजहार किया, जिसमें कहा गया कि वह छात्रा से 11वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान से ही आकर्षित थे और प्यार करते हैं। संदेशों में आगे लिखा था, "तुम 11वीं में थी तब से मैं तुमसे प्यार करता हूं" और "इतना गुस्सा मत करो प्रिय, मुझे माफ कर दो" जैसे शब्द। ये संदेश छात्रा द्वारा ब्लॉक करने के बाद भी जारी रहने का दावा किया जा रहा है, जो मामले को और संवेदनशील बनाता है।

घटना के वायरल होते ही स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। मंगलवार सुबह स्कूल के बाहर सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गए और जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और पोस्टर लहराते हुए कहा कि ऐसी घटना से न केवल स्कूल की साख प्रभावित हो रही है, बल्कि पूरे गांव की प्रतिष्ठा पर बट्टा लग रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की और प्रिंसिपल को निलंबित करने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान स्कूल में पढ़ाई प्रभावित रही, और छात्र-छात्राओं को घर भेज दिया गया। ग्रामीणों का कहना था कि स्कूल जैसे पवित्र स्थान पर ऐसी अनैतिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रिंसिपल ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा बताते हुए इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह मेरी छवि को धूमिल करने का प्रयास है। मैंने कभी भी ऐसा कोई संदेश नहीं भेजा।" प्रिंसिपल ने जिला शिक्षा अधिकारी को एक लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें उन्होंने विस्तार से अपना पक्ष रखा है। उन्होंने जांच के दौरान सभी सबूतों की जांच करने और निर्दोष साबित होने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रिंसिपल का कहना है कि चैट फर्जी हो सकती है और इसे बनाने वाले का पता लगाया जाना चाहिए।

जिला शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि चैट की प्रामाणिकता की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। व्हाट्सएप संदेशों के स्रोत, समय और अन्य तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अधिकारी ने कहा, "यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो प्रिंसिपल के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन या बर्खास्तगी भी शामिल हो सकती है।" साथ ही, छात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह घटना राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नैतिकता और छात्र सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाएं स्कूलों में लड़कियों की शिक्षा को प्रभावित करती हैं। एक ग्रामीण ने कहा, "हमारे गांव में लड़कियां आगे बढ़ रही हैं, लेकिन ऐसे लोग उनकी राह में बाधा बन जाते हैं।" शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को सतर्क रहने और छात्रों से शिकायत दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं। मामले की जांच जारी है, और जल्द ही आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।

Mahaveer Sankhlecha I am a reporter dedicated to delivering accurate news and meaningful stories to the public.