विधानसभा के बाहर काली शीशे वाली गाड़ी पर बवाल, डोटासरा का BJP विधायक पर तीखा हमला

काली शीशे वाली गाड़ी के वीडियो पर डोटासरा का सीधा हमला, कानून पालन को लेकर BJP विधायक पर सवाल

Jan 9, 2026 - 20:18
विधानसभा के बाहर काली शीशे वाली गाड़ी पर बवाल, डोटासरा का BJP विधायक पर तीखा हमला

राजस्थान विधानसभा के बाहर कुछ दिन पहले सामने आए एक वीडियो ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में हवामहल से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक बालमुकुंद आचार्य एक ऐसी गाड़ी में बैठे दिखाई देते हैं, जिसके शीशे काले बताए जा रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा विधायक पर तीखा हमला बोला है।

वीडियो में क्या दिखा

सामने आए वीडियो के अनुसार, विधानसभा के बाहर जब विधायक बालमुकुंद आचार्य की गाड़ी रुकी, तब उसके शीशों को लेकर सवाल उठे। बताया गया कि गाड़ी के शीशे काले थे, जो मोटर वाहन कानून के तहत प्रतिबंधित माने जाते हैं। इसी दौरान मौके पर मौजूद गोविंद सिंह डोटासरा ने इस पर आपत्ति जताई और इसे कानून का उल्लंघन बताया। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत और बहस होती दिख रही है।

डोटासरा का सार्वजनिक बयान

इस घटना के बाद गोविंद सिंह डोटासरा ने एक सार्वजनिक मंच से भाजपा विधायक पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा, “बाबा ठेले वालों का लाइसेंस चेक कर रहे थे, तो मैंने उनका ही लाइसेंस चेक कर लिया।” डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि जब आम लोगों के ठेले और दुकानों की जांच की जाती है, तब कानून की दुहाई दी जाती है, लेकिन जब सवाल खुद पर आता है तो जवाब देने से बचा जाता है।

कानून उल्लंघन का आरोप

डोटासरा ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने विधायक से स्पष्ट रूप से कहा कि काले शीशे वाली गाड़ी कानून का उल्लंघन है। उनका आरोप है कि इस सवाल पर भाजपा विधायक चुप हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि जब मीडिया ने इस संबंध में सवाल पूछा, तो जवाब दिया गया कि “यह गाड़ी किसकी है, मुझे पता ही नहीं।” डोटासरा ने इसे गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया।

सुरक्षा और खतरे पर सवाल

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने इस मुद्दे को सुरक्षा के सवाल से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि असल खतरा तो आम जनता को होता है, लेकिन एस्कॉर्ट और विशेष सुविधाओं के साथ घूमने वाले वही लोग हैं, जो खुद को ज्यादा सुरक्षित बताते हैं। डोटासरा ने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें किससे खतरा हो सकता है, जबकि आम लोग रोजमर्रा की जिंदगी में कई जोखिमों का सामना करते हैं।

राजनीतिक तकरार तेज

डोटासरा के इस बयान के बाद मामला केवल एक गाड़ी या वीडियो तक सीमित नहीं रहा। यह मुद्दा अब कानून के समान पालन और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी से जुड़ गया है। कांग्रेस इस घटना को भाजपा नेताओं के दोहरे रवैये के तौर पर पेश कर रही है, जबकि भाजपा की ओर से इस पर अलग-अलग तर्क दिए जा रहे हैं।

विधानसभा के बाहर सवालों की गूंज

इस पूरे घटनाक्रम ने विधानसभा के बाहर नेताओं के व्यवहार और कानून के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे खुद कानून का पालन करें और उदाहरण पेश करें। वीडियो और बयानों के जरिए यह मुद्दा अब जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन चुका है।फिलहाल यह मामला सियासी बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन आने वाले दिनों में इस पर प्रशासनिक या कानूनी प्रतिक्रिया भी देखने को मिल सकती है। विधानसभा के बाहर सामने आए इस वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कानून सबके लिए बराबर है या नहीं।