बॉर्डर के करीब चोरों का दुस्साहस: गार्ड दंपती को कमरे में कैद कर 50 लाख के जेवरात लूट ले गए, रेत के टीलों पर मिले पैरों के निशान
बाड़मेर जिले के बाखासर थाना क्षेत्र के सुहानी गांव (भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से मात्र 3 किमी दूर) में मंगलवार रात करीब 12 बजे एक सनसनीखेज चोरी की घटना हुई।
बाड़मेर। भारत-पाकिस्तान सीमा से महज तीन किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव में चोरों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। यहां एक गार्ड के घर में घुसकर चोरों ने पहले पति-पत्नी को उनके ही कमरे में बंद कर दिया और फिर अलमारी से 30 तोला सोना और आधा किलो चांदी के जेवरात चुराकर फरार हो गए। जेवरातों की कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। घटना मंगलवार रात करीब 12 बजे की है, जब पूरा गांव नींद में डूबा हुआ था। पुलिस अब रेत के टीलों पर मिले पैरों के निशानों के आधार पर चोरों की तलाश में जुटी है।
रात के अंधेरे में चोरों का हमला: कमरे में कैद कर की लूटपाट
घटना बाड़मेर जिले के बाखासर थाना क्षेत्र के सुहानी गांव में हुई। पीड़ित शेषकरण दान (54) एक मोबाइल टॉवर कंपनी में गार्ड की नौकरी करते हैं और उनकी पत्नी घर पर ही रहती हैं। शेषकरण के भाई सागर दान ने बताया कि चोरों ने पहले दंपती के सोने वाले कमरे को बाहर से कुंडी लगाकर लॉक कर दिया। इसके बाद उन्होंने पास वाले कमरे का ताला तोड़ दिया, जहां परिवार के सारे जेवरात रखे हुए थे।शेषकरण और उनकी पत्नी सो रहे थे, तभी पास के कमरे से आवाज आने लगी। वे जाग गए और दरवाजा खोलने की कोशिश करने लगे, लेकिन बाहर से बंद होने की वजह से बाहर नहीं निकल सके। दोनों ने जोर-जोर से दरवाजा खींचा और 'चोर-चोर' चिल्लाने लगे। चोरों को इसकी भनक लगते ही वे अलमारी से जेवरात समेटकर भाग निकले। शेषकरण ने दरवाजे को जोर से खींचा और पटका, तो कुंडी टूट गई और वे बाहर निकले। लेकिन तब तक चोर फरार हो चुके थे। बाहर आकर देखा तो सारा सामान बिखरा पड़ा था और जेवरात गायब थे।सागर दान ने आगे बताया कि घर में उनकी भाभी, भतीजी और पूरे परिवार के जेवरात रखे हुए थे, क्योंकि बेटे जयपुर में कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में घर में सिर्फ पति-पत्नी ही अकेले थे, जो चोरों के लिए आसान निशाना बन गए।
सीमा क्षेत्र की चुनौतियां: रेत के टीलों पर मिले सुराग
सुहानी गांव भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से बेहद करीब है, जहां रेत के टीले (धोर) फैले हुए हैं। घटना के बाद पुलिस को इन टीलों पर चोरों के पैरों के निशान मिले हैं। बाखासर थाने के सीआई राजूराम ने बताया कि पीड़ित परिवार की रिपोर्ट पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीमें बनाकर चोरों की तलाश कर रही हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।बुधवार सुबह मोबाइल ऑपरेशन ब्रांच (एमओबी), डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की टीमें मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल से सबूत जुटाए, जिसमें पैरों के निशान, टूटे ताले और बिखरे सामान की जांच शामिल है। सीआई ने कहा कि सीमा क्षेत्र होने की वजह से सुरक्षा के लिहाज से भी इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है, हालांकि प्रारंभिक जांच में यह स्थानीय चोरों की करतूत लग रही है।
परिवार की स्थिति: अकेलेपन का फायदा उठाया चोरों ने
शेषकरण दान का परिवार साधारण जीवन जीता है। वे मोबाइल टॉवर कंपनी में गार्ड हैं, जबकि उनके बेटे जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। घर में जेवरात परिवार के सदस्यों के थे, जो सुरक्षित रखने के लिए शेषकरण के यहां जमा थे। घटना के बाद परिवार सदमे में है। पड़ोसियों ने बताया कि दंपती के चिल्लाने पर वे दौड़े-दौड़े आए, लेकिन चोर पहले ही भाग चुके थे।