सरहद से समृद्धि का संकल्प: कर्नल मानवेन्द्र सिंह की यात्रा ने जगाया विकास का अलख

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद कर्नल मानवेन्द्र सिंह जसोल ने बाड़मेर जिले के सरहदी इलाकों में विकास को गति देने के लिए 'सरहद समृद्धि यात्रा' शुरू की। यात्रा का दूसरा दिन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित नवातला गांव से शुरू हुआ

Dec 17, 2025 - 17:52
सरहद से समृद्धि का संकल्प: कर्नल मानवेन्द्र सिंह की यात्रा ने जगाया विकास का अलख

बाड़मेर, 17 दिसंबर। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों में विकास की किरण पहुंचाने और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद कर्नल मानवेन्द्र सिंह जसोल ने 'सरहद समृद्धि यात्रा' का शुभारंभ किया। यात्रा का दूसरा दिन अंतरराष्ट्रीय सरहद पर बसे नवातला गांव से शुरू हुआ, जहां ग्रामीणों ने भव्य स्वागत के बीच भाजपा का कमल झंडा फहराकर यात्रा को आगे बढ़ाया।

यात्रा का पहला दिन मंगलवार को बाखासर से शुरू हुआ था। बाखासर पहुंचते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कर्नल मानवेन्द्र सिंह ने स्वतंत्रता सेनानी स्व. ठाकुर बलवंत सिंह बाखासर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। ठाकुर बलवंत सिंह की वीरता की गाथाएं सरहदी इलाकों में आज भी प्रेरणा देती हैं और वर्तमान पीढ़ी में वे एकमात्र ऐसे नेता हैं जो उनके वारिसों से सीधा जुड़ाव रखते हैं। इसके बाद जनसंवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान से सुना गया और विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। सुझाव लिए गए ताकि उन्हें सूचीबद्ध कर राज्य सरकार के संबंधित विभागों तक पहुंचाया जा सके।

बुधवार सुबह यात्रा बाखासर से रवाना होकर नवातला पहुंची। यहां भी ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। कर्नल मानवेन्द्र सिंह ने सरहदी गांव नवातला में भाजपा का राष्ट्रीय झंडा फहराया और यात्रा को आगे बढ़ाया। नवातला, बाखासर, एकल, रामपुरा सहित विभिन्न गांवों में ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और विकास के लिए सुझाव मांगे।

यात्रा के दौरान जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। बाड़मेर से बाखासर तक सणाऊ, चौहटन, आलमसर, धनाऊ, सेड़वा, साता सहित कई गांवों में लोगों की भीड़ उमड़ी। ग्रामीणों ने फूलमालाओं, आतिशबाजी और पारंपरिक स्वागत से कर्नल मानवेन्द्र सिंह का अभिनंदन किया। सैकड़ों वाहनों का काफिला यात्रा में शामिल हुआ, जो सरहदी इलाकों में विकास की उम्मीद जगाता नजर आया।

कर्नल मानवेन्द्र सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि 'सरहद समृद्धि यात्रा' का मुख्य उद्देश्य सरहदी गांवों में मूलभूत सुविधाओं को बहाल करना और आवश्यक विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है और लोगों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। सरहदी गांवों में विकास को विशेष मकसद बनाकर इसे आयोजित किया गया है।

उन्होंने कहा, "मेरा सपना है कि सरहद सब्ज हो जाए, यहां वो सभी सुविधाएं उपलब्ध हों जिनकी ग्रामीणों को जरूरत है। सरहदी गांवों में जितना विकास होना चाहिए था, उतना नहीं हो पाया। केंद्र और राज्य सरकार ने सरहदी क्षेत्रों के लिए विशेष योजनाएं लागू की हैं, लेकिन जागरूकता की कमी से पूरा लाभ नहीं मिल पाया। अब ग्रामीणों के सुझावों के आधार पर प्रयास किए जाएंगे।"

 कर्नल सिंह ने आगे कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार सीमावर्ती लोगों के मर्म को समझती है और बेहतर कार्य कर रही है। जनता से मिले सुझावों को सूचीबद्ध कर संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों को स्वीकृति मिल सके।यात्रा का यह चरण सरहदी इलाकों में नई उम्मीद जगाता है। ग्रामीणों में उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया और उन्होंने कर्नल मानवेन्द्र सिंह को विकास का मजबूत सहारा माना। यात्रा आगे भी विभिन्न सरहदी गांवों में जारी रहेगी, जहां विकास की यह मुहिम और मजबूत होगी।