दौसा में विधायक–तहसीलदार आमने-सामने, सरकारी जमीन पर कार्रवाई को लेकर तीखी बहस

दौसा में अतिक्रमण हटाने के दौरान कांग्रेस विधायक और तहसीलदार में तीखी नोकझोंक, कार्रवाई जारी रही

Feb 2, 2026 - 17:34
दौसा में विधायक–तहसीलदार आमने-सामने, सरकारी जमीन पर कार्रवाई को लेकर तीखी बहस

जयपुर–दौसा हाईवे पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सोमवार को कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा और तहसीलदार गजानंद मीणा आमने-सामने आ गए। सरकारी जमीन पर कार्रवाई रुकवाने पहुंचे विधायक और तहसीलदार के बीच तीखी बहस हो गई, जिसे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने शांत कराया।

कार्रवाई रुकवाने पहुंचे विधायक

जानकारी के अनुसार, रानी की बीड के नाम से दर्ज करीब 12 बीघा सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए तहसीलदार गजानंद मीणा दोपहर करीब 2 बजे जाब्ते के साथ पहुंचे थे। इसी दौरान विधायक दीनदयाल बैरवा मौके पर पहुंचे और कार्रवाई के आदेश मांगे।

विधायक–तहसीलदार में नोकझोंक

विधायक ने पूछा कि तोड़फोड़ का आदेश किसके पास है। इस पर तहसीलदार ने कहा कि जमीन सरकारी है और अतिक्रमण हटाने के लिए किसी अलग आदेश की जरूरत नहीं। बातचीत के दौरान तहसीलदार द्वारा “सरकारी जमीन का मालिक मैं खुद हूं” जैसे बयान से माहौल गरमा गया। विधायक ने इस पर नाराजगी जताई और जेसीबी रुकवाने को कहा। विधायक बैरवा ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के पास वर्षों पुराने पट्टे और कोर्ट में मामले लंबित हैं, उनके मकान तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने तहसीलदार पर गरीबों को डराने और जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप लगाया।

तहसीलदार का पक्ष

तहसीलदार गजानंद मीणा ने बताया कि संबंधित जमीन राजस्व रिकॉर्ड में पूरी तरह सरकारी दर्ज है, जिस पर भू-माफियाओं ने अवैध कॉलोनी काट रखी थी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की ओर से कोई विरोध नहीं था, सिर्फ विधायक ने आपत्ति जताई। नोकझोंक के बावजूद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखी गई और कई पक्के निर्माण ध्वस्त किए गए। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना जरूरी है।