इन बहरूपियों के मोरिया बुला देना": बाड़मेर में गरजे डोटासरा, भजनलाल सरकार को दी खुली चुनौती

बाड़मेर-बालोतरा सीमा विवाद को लेकर धोरीमन्ना में कांग्रेस की विशाल जन आक्रोश रैली। डोटासरा ने बीजेपी को बताया तानाशाह और हेमाराम चौधरी ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Jan 15, 2026 - 14:32
इन बहरूपियों के मोरिया बुला देना": बाड़मेर में गरजे डोटासरा, भजनलाल सरकार को दी खुली चुनौती

राजस्थान के बाड़मेर और बालोतरा जिलों के भौगोलिक सीमांकन में हुए बदलाव के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को धोरीमन्ना में आयोजित 'जन आक्रोश रैली' में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन के कारण बाड़मेर-सांचौर नेशनल हाईवे पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही और प्रशासन को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। रैली में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने राज्य की भजनलाल सरकार पर तीखे प्रहार किए।

डोटासरा का भाजपा पर हमला: "ये तानाशाहों की सरकार है"

रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आगामी पंचायत और निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि इन "बहरूपियों" के 'मोरिया बुला देना' (पूरी तरह हरा देना) जरूरी है। डोटासरा ने कहा, "बीजेपी के लोग परिसीमन और SIR (Special Investment Region) के नाम पर दादागिरी कर रहे हैं। परसों जब अमित शाह आए थे, तो वे अपने ही नेताओं को धमका रहे थे। यह सरकार डबल इंजन की नहीं, बल्कि तानाशाहों की सरकार है।" उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी भी सरकार के खौफ में हैं और खुलकर बात करने से डर रहे हैं।

केके बिश्नोई पर साधा निशाना, हेमाराम चौधरी से जताई नाराजगी

भाषण के दौरान डोटासरा ने पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी की ओर इशारा करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "हेमाराम जी, अगर आप हमारी बात मान लेते और चुनाव लड़ते, तो आज ये 'कॉमेडी' करने वाले विधायक नहीं बनते।" उनका सीधा इशारा गुड़ामालानी के वर्तमान भाजपा विधायक केके बिश्नोई की तरफ था। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में हेमाराम चौधरी ने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था, जिसके बाद कांग्रेस को गुड़ामालानी सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। डोटासरा ने बताया कि जब हरीश चौधरी ने उन्हें धोरीमन्ना और गुड़ामालानी के साथ हुए इस 'अन्याय' की जानकारी दी, तो वे दंग रह गए।

अधिकारियों में खौफ: "फेसटाइम पर कॉल करो"

डोटासरा ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि जब उन्होंने इस सीमा विवाद को लेकर संबंधित अधिकारी को फोन किया, तो वह बहुत डरा हुआ था। अधिकारी ने बस इतना कहा, "सर, काम तो चल रहा है लेकिन मैं ज्यादा कुछ नहीं बता सकता।" डोटासरा के अनुसार, अधिकारी ने उनसे सुरक्षित बातचीत के लिए फेसटाइम ऐप पर कॉल करने का आग्रह किया, जो राज्य में प्रशासनिक दबाव को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री भजनलाल को दी चुनौती

प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे 'पर्ची' से मुख्यमंत्री तो बन गए हैं, लेकिन यह भीड़ उनके लिए सीधी चुनौती है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि इन तानाशाहों के सामने झुकने की जरूरत नहीं है, बल्कि मन की लड़ाई लड़नी है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ गुड़ामालानी या धोरीमन्ना की नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के हक की लड़ाई है।

हेमाराम चौधरी का ऐलान: "धरना स्थगित है, समाप्त नहीं"

लंबे विचार-विमर्श के बाद पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने फिलहाल धरने को स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि रणनीति के तहत रोका गया है।

हेमाराम चौधरी ने मुख्य रूप से दो बातें कहीं:

1. जनगणना का इंतजार: अभी जनगणना के कारण सीमाएं 'फ्रीज' (Freeze) हैं, इसलिए सरकार फिलहाल कानूनी तौर पर फेरबदल नहीं कर सकती।

2. दोबारा होगा आंदोलन: जैसे ही जनगणना पूरी होगी और सरकार के पास दोबारा अधिकार आएंगे, तब तक इंतजार किया जाएगा। अगर सरकार ने तब भी सीमाएं सही नहीं कीं, तो इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।