हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में किसानों का बिगुल, 11 फरवरी को तलवाड़ा महापंचायत
हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में किसान आंदोलन तेज, MoU रद्द करने की मांग, 11 फरवरी को तलवाड़ा में महापंचायत
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। टिब्बी क्षेत्र के राठीखेड़ा गांव में प्रस्तावित फैक्ट्री को लेकर किसान और ग्रामीण लंबे समय से विरोध जता रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार 7 जनवरी को संगरिया कस्बे में बीते एक महीने के भीतर तीसरी महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए।महापंचायत में किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मंच से किसानों ने 11 फरवरी को जिले के तलवाड़ा में अगली महापंचायत आयोजित करने का भी ऐलान किया।
बड़ी संख्या में जुटे किसान और ग्रामीण
संगरिया में आयोजित इस महापंचायत में हनुमानगढ़ जिले के अलावा हरियाणा और पंजाब से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। किसानों का कहना है कि प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री से क्षेत्र की कृषि भूमि, भूजल और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है। इसी आशंका के चलते किसान इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं।महापंचायत के दौरान किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि बिना स्थानीय लोगों की सहमति के फैक्ट्री का MoU किया गया है।
किसानों की प्रमुख मांगें
महापंचायत में किसानों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि सबसे पहले एथेनॉल फैक्ट्री से जुड़ा MoU तत्काल रद्द किया जाए। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। किसानों का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद उन पर मुकदमे दर्ज करना गलत है और इससे आंदोलन और मजबूत होगा।किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा कोई भी विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा जिससे जमीन, पानी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचे।
प्रशासन अलर्ट, इंटरनेट सेवाएं बंद
महापंचायत को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। 10 दिसंबर को हुई महापंचायत के बाद आगजनी और तनाव की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार सख्त इंतजाम किए गए। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते संगरिया क्षेत्र में मंगलवार शाम से बुधवार रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं।इसके साथ ही संगरिया क्षेत्र में धारा 163 लागू की गई, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके।
भारी पुलिस बल की तैनाती
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए संगरिया कस्बे और आसपास के इलाकों में कुल 614 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। कस्बे के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया। महापंचायत स्थल के आसपास भी कड़ी निगरानी रखी गई।प्रशासन का उद्देश्य था कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो और महापंचायत शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
वार्ता के प्रस्ताव को किसानों ने ठुकराया
महापंचायत के दौरान जिला प्रशासन की ओर से किसान नेताओं को बातचीत का प्रस्ताव दिया गया। हालांकि किसान नेताओं ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक किसी भी तरह की वार्ता का कोई मतलब नहीं है। किसानों का कहना है कि पहले MoU रद्द हो और मुकदमे वापस लिए जाएं, उसके बाद ही आगे की बातचीत पर विचार किया जाएगा।
आगे की रणनीति
महापंचायत के मंच से किसानों ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया। किसानों ने कहा कि 11 फरवरी को तलवाड़ा में होने वाली अगली महापंचायत में आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।फिलहाल तलवाड़ा में अगली महापंचायत की घोषणा के साथ संगरिया की महापंचायत शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गई। अब सभी की नजरें आने वाले दिनों में किसानों के आंदोलन और सरकार के रुख पर टिकी हुई हैं।