आरक्षित वर्गों के अधिकारों पर समझौता नहीं, सड़क से सदन तक संघर्ष करेंगे: हरीश चौधरी

सरकारी भर्तियों में रोस्टर गड़बड़ी पर हरीश चौधरी का बड़ा बयान, आरक्षण उल्लंघन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान

Jan 13, 2026 - 19:40
आरक्षित वर्गों के अधिकारों पर समझौता नहीं, सड़क से सदन तक संघर्ष करेंगे: हरीश चौधरी

प्रदेश में सरकारी सेवाओं में आरक्षित वर्गों के पदों के अनुचित और असंवैधानिक बंटवारे को लेकर मंगलवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी, बायतु विधायक एवं पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने युवाओं और छात्र प्रतिनिधियों से संवाद किया और सरकारी भर्तियों में हो रही अनियमितताओं पर गंभीर चिंता जताई।

रोस्टर प्रणाली की अनदेखी से बढ़ रहा अन्याय

बैठक में बताया गया कि प्रदेश की विभिन्न सरकारी भर्तियों में रोस्टर प्रणाली का सही ढंग से पालन नहीं किया जा रहा, जिससे आरक्षित वर्गों के योग्य अभ्यर्थियों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है। हरीश चौधरी ने कहा कि पदों का यह गलत बंटवारा किसी एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर और व्यापक समस्या बन चुकी है।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रोस्टर रजिस्टर का सही तरीके से संधारण नहीं होना ही इस पूरे विवाद की जड़ है। जब रोस्टर ही गलत होगा, तो भर्ती प्रक्रिया भी न्यायसंगत नहीं रह सकती।

संविधान की भावना के खिलाफ है यह व्यवस्था

हरीश चौधरी ने कहा कि आरक्षित वर्गों के साथ हो रहा यह अन्याय केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि संविधान ने जिन वर्गों को समान अवसर देने का प्रावधान किया है, वही वर्ग आज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के कारण आरक्षण का वास्तविक लाभ ज़रूरतमंद वर्गों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिसका सीधा नुकसान प्रदेश के युवाओं को हो रहा है।

सड़क से सदन और न्यायपालिका तक संघर्ष का ऐलान

बैठक को संबोधित करते हुए हरीश चौधरी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए आने वाले समय में सड़क, सदन और न्यायपालिका—तीनों स्तरों पर संघर्ष किया जाएगा।उन्होंने कहा कि यह लड़ाई पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से लड़ी जाएगी और किसी भी सूरत में आरक्षित वर्गों के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।

युवाओं ने साझा किए अपने अनुभव

बैठक में मौजूद युवाओं और छात्र प्रतिनिधियों ने सरकारी भर्तियों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। युवाओं ने बताया कि कई बार विज्ञापन में पद दर्शाए जाते हैं, लेकिन अंतिम परिणाम में रोस्टर नियमों का पालन नहीं होता, जिससे आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थी चयन से बाहर हो जाते हैं।युवाओं ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, रोस्टर नियमों के सख़्त पालन और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।

सरकार से की गई प्रमुख मांगे

हरीश चौधरी ने सरकार से मांग की कि—

  • सभी विभागों में रोस्टर रजिस्टर का तत्काल सत्यापन कराया जाए।
  • गलत पद निर्धारण की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
  • भविष्य की सभी भर्तियों में संविधानसम्मत प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाए।
  • भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।

युवाओं को दिया भरोसा

हरीश चौधरी ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनके अधिकारों की इस लड़ाई में वे कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक आरक्षित वर्गों को उनका संवैधानिक हक नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।