जयपुरः राजस्थान में मानसून की मेहरबानी, 353 बांध लबालब, पानी की आवक जारी
राजस्थान में मानसून की बारिश ने इस बार जल संसाधनों को भरपूर किया है। प्रदेशभर में 353 बांध लबालब हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में ही 7 नए बांधों में पानी की भराव क्षमता पूरी हो गई। वहीं, सूखे बांधों की संख्या घटकर 121 रह गई है और 219 बांध आंशिक भरे हुए हैं।
जयपुर : राजस्थान में मानसून की बारिश ने इस बार जल संसाधनों को भरपूर किया है। प्रदेशभर में 353 बांध लबालब हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में ही 7 नए बांधों में पानी की भराव क्षमता पूरी हो गई। वहीं, सूखे बांधों की संख्या घटकर 121 रह गई है और 219 बांध आंशिक भरे हुए हैं।
बांधों की भराव स्थिति
राजस्थान के बांधों में कुल भराव क्षमता का 83.59 प्रतिशत पानी पहुंच चुका है। यह पिछले कई वर्षों में मानसून के बेहतरीन आंकड़ों में से एक है।
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जयपुर संभाग – 81.51% भराव
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भरतपुर संभाग – 56.79% भराव
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जोधपुर संभाग – 68.81% भराव
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कोटा संभाग – 94.24% भराव
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बांसवाड़ा संभाग – 93.37% भराव
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उदयपुर संभाग – 60.78% भराव
पिछले 24 घंटे की स्थिति
पिछले 24 घंटे में बांधों में 60.89 एमक्यूएम पानी की आवक दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश और नदियों में पानी की बढ़ती आवक से ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में जल उपलब्धता की स्थिति बेहतर हुई है।
जल संकट से राहत
मानसून की इस मेहरबानी से प्रदेश के कई हिस्सों में पेयजल और सिंचाई के संकट से बड़ी राहत मिली है। किसानों को खरीफ फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है, वहीं शहरों में भी जलापूर्ति की योजनाओं को मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों की राय
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष बारिश का वितरण संतुलित होने से बांधों में रिकॉर्ड भराव हुआ है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अधिक बारिश होने पर कुछ बांधों से पानी छोड़ना भी पड़ सकता है।