जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने गडरा रोड शहीद स्मारक पर 1965 के शहीद रेल कर्मचारियों को दी श्रद्धांजलि
जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने गडरा रोड शहीद स्मारक पर 1965 के भारत-पाक युद्ध में शहीद 17 रेल कर्मचारियों को श्रद्धांजलि दी। विशेष ट्रेन से पहुंचे डीआरएम ने बलिदान को नमन किया।
जोधपुर, 09 सितंबर 2025: उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के गडरा रोड रेलवे स्टेशन पर 1965 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए 17 रेल कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अनुराग त्रिपाठी ने विशेष निरीक्षण ट्रेन से गडरा रोड पहुंचकर शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “1965 के युद्ध में रेल कर्मचारियों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनका साहस और बलिदान रेल परिवार और देश के लिए प्रेरणा है।”
श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विकास खेड़ा, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिषेक गांधी, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक लोकेश कुमार, वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक विक्रम सिंह, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर जोगेंद्र मीणा, और वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक अरविंद शर्मा सहित कई रेलवे अधिकारी उपस्थित रहे। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के मंडल मंत्री मनोज कुमार परिहार, बीएसएफ के जवान, और स्थानीय नागरिकों ने भी शहीदों को नमन किया।
सभा की अध्यक्षता डीआरएम त्रिपाठी ने की। इस दौरान यूनियन मंत्री मनोज कुमार परिहार ने शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखवाया। स्थानीय लोगों ने डीआरएम को क्षेत्रीय समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा, जिस पर उन्होंने त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
निरीक्षण और अन्य गतिविधियाँ:
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद डीआरएम त्रिपाठी ने गडरा रोड से मुनाबाव खंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे संरक्षा मानकों और यात्री सुविधाओं की समीक्षा की। इसके अलावा, बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर शहीद नामावली पर पुष्प अर्पित कर उन्होंने शहीद रेल कर्मचारियों को पुनः श्रद्धांजलि दी।
पृष्ठभूमि:
1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान गडरा रोड रेलवे स्टेशन के पास भारतीय सेना के लिए रसद सामग्री ले जा रही ट्रेन पर पाकिस्तानी सेना ने बमबारी की थी। इस हमले में 17 रेल कर्मचारियों ने अपनी जान गंवाई, जिन्होंने पटरियों को दुरुस्त कर ट्रेन को सीमा तक पहुंचाने में अदम्य साहस दिखाया। उनकी याद में गडरा रोड पर भारत का पहला रेलवे शहीद स्मारक स्थापित है, जहां हर साल 9 सितंबर को श्रद्धांजलि सभा और मेला आयोजित होता है।