JSJB अवॉर्ड्स पर मंत्रालय का जवाब: बाड़मेर अवार्ड को लेकर वायरल दावे खारिज

JSJB अवॉर्ड्स को लेकर उठे सवालों पर जल शक्ति मंत्रालय का बयान, बाड़मेर अवार्ड मामले में फैली भ्रांतियों को बताया निराधार।

Dec 31, 2025 - 07:47
JSJB अवॉर्ड्स पर मंत्रालय का जवाब: बाड़मेर अवार्ड को लेकर वायरल दावे खारिज

जल संचय जन भागीदारी (JSJB) अवॉर्ड्स को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और आरोपों के बीच जल शक्ति मंत्रालय ने स्थिति साफ करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया है। मंत्रालय ने कहा है कि JSJB अवॉर्ड्स की चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, तकनीकी मानकों पर आधारित और बहु-स्तरीय सत्यापन के बाद पूरी की गई है। मंत्रालय के अनुसार सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कई दावे तथ्यहीन हैं और लोगों में भ्रम पैदा करने वाले हैं।

सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद आया बयान

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर JSJB अवॉर्ड्स, खासकर बाड़मेर जिले को मिले अवार्ड को लेकर सवाल उठाए गए। कुछ पोस्ट और स्क्रीनशॉट वायरल किए गए, जिनमें चयन प्रक्रिया पर संदेह जताया गया। इन दावों के सामने आने के बाद जल शक्ति मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अवॉर्ड्स की प्रक्रिया को लेकर कोई अनियमितता नहीं हुई है और सभी आरोप निराधार हैं।

तकनीकी और डिजिटल आधार पर हुआ मूल्यांकन

मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि JSJB अवॉर्ड्स के लिए प्राप्त सभी प्रविष्टियों का मूल्यांकन पूरी तरह तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर किया गया। इसके लिए JSJB डैशबोर्ड का उपयोग किया गया, जहां हर कार्य की GIS लोकेशन, जियो-टैग्ड तस्वीरें और संबंधित वित्तीय विवरण उपलब्ध थे। इन आंकड़ों के आधार पर यह देखा गया कि किस जिले या संस्था ने जल संरक्षण के क्षेत्र में कितना और कैसा काम किया है।

बहु-स्तरीय जांच और सीमित फील्ड वेरिफिकेशन

मंत्रालय के अनुसार मूल्यांकन केवल ऑनलाइन डेटा तक सीमित नहीं था। जिला प्रशासन स्तर पर भी प्रविष्टियों की जांच की गई और इसके बाद मंत्रालय स्तर पर दोबारा सत्यापन किया गया। इसके अलावा कुछ मामलों में सीमित फील्ड वेरिफिकेशन भी कराया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कागजों में दिखाया गया कार्य जमीनी स्तर पर वास्तव में मौजूद है।

CTR पोर्टल और JSJB को लेकर भ्रम

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जो स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं, वे ‘कैच द रेन’ (CTR) पोर्टल से जुड़े हुए हैं। मंत्रालय ने साफ कहा कि CTR और JSJB दो अलग-अलग योजनाएं और अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म हैं। CTR से जुड़े किसी भी डेटा या स्क्रीनशॉट का JSJB अवॉर्ड्स की प्रक्रिया से कोई सीधा संबंध नहीं है। इन दोनों को आपस में जोड़कर दिखाना गलत और भ्रामक है।

बाड़मेर को मिला राष्ट्रीय जल पुरस्कार

बाड़मेर जिले के मामले में मंत्रालय ने विशेष रूप से जानकारी दी। बयान में बताया गया कि बाड़मेर को JSJB योजना के तहत 79 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्यों के आधार पर राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इन कार्यों में तालाब, जलाशय, चेक डैम, परंपरागत जल स्रोतों का पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन से जुड़े कई प्रयास शामिल हैं।

दो करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

मंत्रालय ने यह भी बताया कि बाड़मेर जिले को इन जल संरक्षण प्रयासों के लिए 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। यह राशि भविष्य में जल संरक्षण और जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों को और मजबूत करने के उद्देश्य से दी गई है।

वायरल दावों को बताया भ्रामक

अपने बयान के अंत में जल शक्ति मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे अधूरी या गलत जानकारी पर भरोसा न करें और किसी भी योजना या अवॉर्ड से जुड़ी सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर ही विश्वास करें। मंत्रालय ने दोहराया कि JSJB अवॉर्ड्स की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रमाणों पर आधारित है।