विधायक कोष से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने संबंधित विधायकों के एमएलए एलएडी खातों को सीज कर दिया है। आरोपित विधायक दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में सौदेबाजी करते हुए कैमरे में कैद हुए थे, जिसके बाद यह मामला सामने आया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए राज्य के मुख्य सतर्कता आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है, जिसमें मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी शामिल हैं। इसके अलावा राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति भी इस प्रकरण की अलग से जांच करेगी।
मुख्यमंत्री का बयान: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की नीति भ्रष्टाचार को लेकर पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की है। किसी भी लोकसेवक द्वारा भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के एमएलए एलएडी खाते फिलहाल फ्रीज कर दिए गए हैं।
विधानसभा में भी हुई कार्रवाई
विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने इस मामले की जांच सदाचार समिति से करवाने की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को पत्र लिखा था। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सदाचार समिति को जांच सौंप दी गई है और जल्द रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने विधायक रेवंतराम डांगा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में जवाब मांगा है। नोटिस में कहा गया है कि विधायक कोष की राशि से जुड़े रिश्वत के आरोप पार्टी अनुशासन के खिलाफ हैं और इस पर स्पष्टीकरण जरूरी है।
कांग्रेस ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मामले में सरकार से तत्काल संज्ञान लेने और निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। डोटासरा ने कहा कि जनता जनप्रतिनिधियों को सेवा के लिए चुनती है, न कि सौदेबाजी और लूट के लिए। यदि आरोप सही हैं तो दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि विधायकों द्वारा विधायक निधि जारी करने के बदले रिश्वत या कमीशन लेने की खबरें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से तत्काल जांच कराने की अपील की और कहा कि सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और शुचिता सबसे अहम होनी चाहिए।
ऐसे हुआ खुलासा
इस कथित कमीशनखोरी को उजागर करने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने एक डमी फर्म का प्रोपराइटर बनकर विधायकों से संपर्क किया। रिपोर्टर ने खुद को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से जुड़ी फर्म का प्रतिनिधि बताया, जिसके बाद बातचीत के दौरान कमीशन की मांग से जुड़े तथ्य सामने आए।