मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बदली तस्वीर, 34 हजार बेटियों को मिला आर्थिक संबल

राजस्थान में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से 34,704 कन्याएं लाभान्वित, 142.62 करोड़ रुपए खर्च

Jan 2, 2026 - 18:08
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बदली तस्वीर, 34 हजार बेटियों को मिला आर्थिक संबल

राजस्थान में कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह को लेकर लंबे समय से आर्थिक चिंता एक बड़ी चुनौती रही है। इसी चुनौती को कम करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री कन्यादान योजना आज हजारों परिवारों के लिए राहत और सम्मान का माध्यम बन चुकी है। योजना के जरिए सरकार न केवल आर्थिक सहायता दे रही है, बल्कि बेटियों की शिक्षा और आत्मसम्मान को भी मजबूती प्रदान कर रही है।

हजारों कन्याओं को मिला सीधा लाभ

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत वर्ष 2023-24 से अब तक 34 हजार 704 कन्याओं को सहायता दी जा चुकी है। इस दौरान सरकार ने कुल 142.62 करोड़ रुपये की राशि खर्च की है। यह आंकड़े बताते हैं कि योजना का लाभ बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रहा है। योजना के अंतर्गत सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है।

शिक्षा से जुड़ा अतिरिक्त प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की एक खास बात यह है कि इसमें बेटियों की शिक्षा को भी प्रोत्साहन से जोड़ा गया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय के बीपीएल परिवारों को विवाह पर 31 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं अन्य बीपीएल परिवारों, अंत्योदय परिवारों, आस्था कार्डधारकों, विधवा महिलाओं की पुत्रियों, विशेष योग्यजन, पालनहार योजना की लाभार्थी कन्याओं और महिला खिलाड़ियों को 21 हजार रुपये की सहायता मिलती है। इसके अलावा यदि कन्या 10वीं पास है तो 10 हजार रुपये और स्नातक होने पर 20 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन

योजना का लाभ लेने के लिए कन्या की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। एक परिवार की अधिकतम दो कन्याएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए इसे पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है। पात्र परिवार एसएसओ आईडी के माध्यम से सोशल जस्टिस मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। ई-मित्र केंद्रों के जरिए भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोग भी आसानी से योजना से जुड़ पा रहे हैं।

विवाह के बाद भी आवेदन की सुविधा

पहले इस योजना में विवाह के बाद केवल छह महीने तक आवेदन करने की समय सीमा थी। वर्तमान में सरकार ने इस अवधि को बढ़ाकर एक वर्ष कर दिया है। इससे उन परिवारों को भी राहत मिली है, जो किसी कारणवश समय पर आवेदन नहीं कर पाते थे। अब विवाह के एक वर्ष के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ लिया जा सकता है।

जन-आधार से बढ़ी पारदर्शिता

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना को जन-आधार पोर्टल से जोड़ दिया गया है, जिससे दस्तावेजों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया आसान हो गई है। निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बीपीएल स्थिति, आय प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण और बैंक खाता विवरण जैसी जानकारियां जन-आधार से स्वतः प्राप्त हो जाती हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि कागजी कार्यवाही और मानवीय हस्तक्षेप भी कम हुआ है।

सामाजिक न्याय की दिशा में अहम कदम

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना आज राजस्थान में सामाजिक न्याय की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में उभर रही है। यह योजना उन परिवारों के लिए सहारा बनी है, जिनके लिए बेटी का विवाह एक बड़ा आर्थिक बोझ होता था। सरकारी सहयोग से अब हजारों बेटियां सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत कर रही हैं। योजना ने यह साबित किया है कि सही नीयत और तकनीक के उपयोग से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद तक पहुंचाया जा सकता है।