राजस्थान बॉर्डर पर नए एयरबेस को हरी झंडी, हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण को ठहराया सही

राजस्थान के सादुलशहर में नए एयरबेस के लिए भूमि अधिग्रहण को हाईकोर्ट की मंजूरी, सीमा सुरक्षा होगी मजबूत

Dec 24, 2025 - 16:27

राजस्थान से सटी भारत-पाक सीमा पर एक नए एयरबेस के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने सादुलशहर (श्रीगंगानगर) क्षेत्र में प्रस्तावित फॉरवर्ड कंपोजिट एविएशन बेस के लिए भूमि अधिग्रहण को सही ठहराते हुए किसानों और जमीन मालिकों की सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। यह फैसला 18 दिसंबर को जोधपुर हाईकोर्ट में सुनाया गया।

दरअसल, नए एयरबेस के लिए सादुलशहर तहसील के लालगढ़ जाटान और आसपास के इलाके की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। इसके विरोध में 58 किसानों और भूमि मालिकों ने अदालत का रुख किया था। उनका तर्क था कि अधिग्रहण की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया। हालांकि, कोर्ट ने रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद इन दलीलों को खारिज कर दिया।

जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी ने अपने रिपोर्टेबल जजमेंट में कहा कि यह याचिकाएं केवल तकनीकी आपत्तियों के सहारे राष्ट्रीय महत्व की रक्षा परियोजना को रोकने की कोशिश हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं में व्यक्तिगत हितों की तुलना में जनहित को प्राथमिकता दी जाती है।

कोर्ट के अनुसार, सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट की जनसुनवाई, अखबारों में प्रकाशन, संयुक्त सर्वे, आपत्तियों पर अधिकारियों की रिपोर्ट, भूमि अधिग्रहण अधिकारी का स्पीकिंग ऑर्डर और पुनर्वास से जुड़ी रिपोर्ट यह साबित करती है कि पूरी प्रक्रिया कानून के अनुसार की गई है।

नया सादुलशहर एयरबेस पाकिस्तान सीमा से लगभग 40 किलोमीटर दूर होगा। श्रीगंगानगर जिले में यह दूसरा एयरफोर्स स्टेशन होगा, जबकि सूरतगढ़ में पहले से एयरफोर्स स्टेशन मौजूद है। राजस्थान-पाक सीमा पर पहले ही चार एयरफोर्स स्टेशन सक्रिय हैं।

इस नए एयरबेस से युद्ध जैसी स्थिति में भारतीय फाइटर जेट पाकिस्तान के जकोबाबाद, भोलारी और रहीम यार खान जैसे बड़े एयरबेस तक तेजी से पहुंच सकेंगे। यह एयरबेस ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत बनाया जा रहा है, जो रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान द्वारा ड्रोन हमलों की कोशिशों को देखते हुए रक्षा मंत्रालय राजस्थान बॉर्डर पर सैन्य ढांचे को और मजबूत कर रहा है।