राजस्थान में प्रशासनिक यूनिट फ्रिज, नहीं बन सकेंगे नए, जिले, उपखंड और गांव, अफसर और कार्मिकों के ट्रांसफर पर भी सवा साल रहेगी रोक

राजस्थान में जनगणना की तैयारी के तहत 1 जनवरी से सभी प्रशासनिक यूनिट को फ्रिज कर दिया गया है। अब 2027 में मई–जून तक जनगणना पूरी होने तक नए जिले, तहसील, उपखंड, गांव, शहरी निकाय और वार्ड बनाने या उनकी सीमाओं में बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ ही लाखों कर्मचारियों और अफसरों के तबादलों पर भी सवा साल तक रोक रहेगी। जनगणना दो चरणों में होगी, जिसमें 2 लाख से अधिक कार्मिकों की ड्यूटी लगेगी। जनगणना में बाधा डालने या सहयोग न करने पर तीन साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

Jan 2, 2026 - 16:24
राजस्थान में प्रशासनिक यूनिट फ्रिज, नहीं बन सकेंगे नए, जिले, उपखंड और गांव, अफसर और कार्मिकों के ट्रांसफर पर भी सवा साल रहेगी रोक

राजस्थान में जनगणना के लिए 1 जनवरी से सभी प्रशासनिक यूनिट फ्रिज हो गई है। इसके साथ ही नए जिले, उपखंड, तहसील गांव, वार्ड बनाने और उनकी सीमाओं के बदलाव पर रोक लग गई है। इसके तहत गांव हो या शहर का कोई वार्ड उसकी सीमा में कोई फेरबदल नहीं किया जा सकेगा। 2027 में मई - जून तक जनगणना का काम पूरा होने तक यह रोक जारी रहेगी।

लाखों कर्मचारियों और अफसरों के तबादलों पर भी अगले सवा साल तक यह रोक जारी रहेगी। जनगणना पूरी होने तक कोई बदलाव नहीं होगा। रोक हटने के बाद गृह मंत्रालय अधिसूचना जारी करेगा। इससे पहले गृह मंत्रालय ने 31 दिसंबर तक नई प्रशासनिक यूनिट बनाने पर जनगणना की रोक लगाई थी। अब नए साल से ये रोक प्रभावी हो गई है। जनगणना के हिसाब से जिले, तहसील, जिले, गांव, शहरी निकाय और शहरी वार्डों की सीमाएं तय कर दी। इन सीमाओं को जनगणना पूरी होने तक बदला नहीं जा सकेगा। सभी प्रशासनिक यूनिट जनगणना पूरी होने तक 31 दिसंबर की स्थिति के रहेगी।

नहीं होंगे कर्मचारियों के तबादले

नए साल से लाखों कर्मचारियों के ट्रांसफर पर जनगणना पूरी होने तक करीब सवा साल तक रोक लगी रहेगी। कलक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, शहरी निकायों के आयुक्त, जनगणना के प्रगणक लगे शिक्षक, पटवारी, ग्राम सचिव इसके दायरे में आयेंगे।

अगले महीने फरवरी में जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग शुरू होगी। जनगणना में 2 लाख से अधिक कार्मिकों की ड्यूटी लगेगी। घर -घर जनगणना करने के लिए 1 लाख 60 हजार कार्मिक और 30 से 40 हजार सुपरवाइजर और अन्य अधिकारी लगाए जायेंगें। जनगणना से जुड़े अधिकारियों के ट्रांसफर केवल असाधारण परिस्थितियों के ही लिए जा सकेंगे।

दो फेज में होगी जनगणना

जनगणना दो फेज में होगी। पहले फेज में 15 मई से 15 जून तक प्रगणक घर -घर जाकर घरों की लिस्टिंग करेंगे। इससे पहले 2 से 3 महीने पूरी तैयारी और ट्रेनिंग का दौर चलेगा। एक प्रगणक 150 घरों तक जाएगा और उनकी लिस्ट तैयार करेगा।

जनगणना में बाधा पहुंचाने पर होगी 3 साल की जेल

• जनगणना की ड्यूटी नहीं करने या जानबूझकर छुट्टी करने पर अफसर-कर्मचारियों को जेल हो सकती है।

• जनगणना के काम में किसी भी रुकावट पर 3 साल तक की जेल और 1000 रुपए तक जुर्माना हो सकता है।

• कोई आमजन भी जनगणना कर्मचारी को जानकारी नहीं देता है या उससे छुपाता है तो यह भी जुर्म माना जाएगा।

• जनगणना एक्ट-1948 के अनुच्छेद 11 में सजा और जुर्माना दोनों के प्रावधान किए गए हैं।

Ashok Daiya I have been actively involved in journalism for the last 10 years in Barmer district of western Rajasthan. I will try to cover news from not only Barmer but every region of Rajasthan... whether it is crime or politics, social or public issues... I will try to connect with every news.