खेजड़ी बचाने का संकल्प बीकानेर में महापड़ाव,रविंद्र सिंह भाटी का समर्थन,बीकानेर का आज बाजार बंद
पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी की कटाई के खिलाफ बीकानेर में बड़ा आंदोलन बाजार और स्कूल बंद
रेगिस्तान का 'कल्पवृक्ष' बचाने को महासंग्राम बीकानेर में उमड़ा जनसैलाब,थमी शहर की रफ्तार
खेजड़ी बचाने की जंग बीकानेर में उमड़ा जनसैलाब,बाजार बंद और स्कूलों में छुट्टी
बीकानेर ~ पश्चिमी राजस्थान की पहचान और 'मरुस्थल के कल्पवृक्ष' कहे जाने वाले खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के खिलाफ अब जन-आंदोलन छिड़ गया है पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम ने आज उस समय एक विराट रूप ले लिया, जब बीकानेर के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में महापड़ाव का आह्वान किया गया इस आंदोलन की गूँज न केवल राजस्थान,बल्कि पड़ोसी राज्यों तक सुनाई दे रही है
पर्यावरण प्रेमियों के इस कदम को स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने अपना पूरा समर्थन दिया है एकजुटता दिखाने के लिए शहर के सभी मुख्य बाजार दोपहर 2 बजे तक स्वेच्छा से बंद रखे गए वहीं,स्थिति की गंभीरता और भीड़ को देखते हुए सरकारी व निजी स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है।आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब बाड़मेर की शिव विधानसभा से विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खेजड़ी बचाने की इस मुहिम को अपना समर्थन दिया विधायक भाटी खुद इस महापड़ाव में शामिल होने के लिए बीकानेर पहुँचे हैं। उनके जुड़ने से युवाओं में भारी जोश देखा जा रहा है।
वैसे तो इस मुहिम को हर वर्ग का साथ मिल रहा है,लेकिन प्रकृति संरक्षण के लिए दुनिया भर में मशहूर विश्नोई समाज इस महापड़ाव में मुख्य भूमिका निभा रहा है। लोगों का कहना है कि खेजड़ी सिर्फ एक पेड़ नहीं,बल्कि उनकी संस्कृति और आस्था का प्रतीक है।
प्रशासन सतर्क और सख्त कानून की मांग
महापड़ाव में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है शहर के यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस ने कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया है और महापड़ाव स्थल पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है।आंदोलनकारियों की सबसे प्रमुख मांग है कि खेजड़ी की कटाई रोकने के लिए सरकार एक कठोर कानून बनाए पर्यावरण प्रेमियों का साफ कहना है कि जब तक सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती और पेड़ों की अवैध कटाई पर पूरी तरह रोक नहीं लगाती,तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं |