RCA विवाद: हाईकोर्ट के आदेश से जोधपुर क्रिकेट एसोसिएशन की मान्यता रद्द, सियासी हलचल तेज
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, जोधपुर DCA की मान्यता खत्म, सिलेक्शन कमेटी बहाल।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) से जुड़ा सियासी और प्रशासनिक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। जोधपुर हाईकोर्ट के एक अहम अंतरिम आदेश के बाद न केवल जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) की मान्यता रद्द हो गई है, बल्कि RCA की एडहॉक कमेटी और चयन प्रक्रिया पर भी बड़ा असर पड़ा है। इस फैसले ने राजस्थान क्रिकेट की राजनीति को फिर गरमा दिया है।
जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की मान्यता रद्द
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन को असंबद्ध (डिस एफिलिएट) माना गया है। अदालत ने माना कि जब DCA की मान्यता पहले ही समाप्त हो चुकी थी, तब उसके पदाधिकारी RCA की एडहॉक कमेटी के फैसलों में हिस्सा नहीं ले सकते थे। इसी आधार पर अदालत ने DCA की मान्यता को प्रभावी रूप से खत्म माना है।
धनंजय सिंह खींवसर पद से हटे
इस फैसले के बाद हेल्थ मिनिस्टर गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर को RCA की एडहॉक कमेटी और जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पद से हटा दिया गया है। कोर्ट की टिप्पणी के अनुसार, जब DCA असंबद्ध हो चुका था, तब उसके अध्यक्ष के रूप में धनंजय सिंह का एडहॉक कमेटी में शामिल होना नियमों के खिलाफ था।
सिलेक्शन कमेटी पर भी कोर्ट की रोक
हाईकोर्ट ने RCA की एडहॉक कमेटी के 2 नवंबर 2025 के आदेश और उसके संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। इस आदेश के तहत एडहॉक कमेटी द्वारा गठित नई सिलेक्शन कमेटी को भंग कर दिया गया है। इसके साथ ही पूर्व सिलेक्शन कमेटी को बहाल कर दिया गया है। इससे खिलाड़ियों के चयन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आई है।
नरेश गहलोत की याचिका पर आया फैसला
यह अंतरिम आदेश बीकानेर निवासी नरेश गहलोत की याचिका पर दिया गया। नरेश गहलोत जूनियर सिलेक्शन कमेटी के सदस्य थे, जिन्हें एडहॉक कमेटी के फैसले से हटा दिया गया था। याचिका में तर्क दिया गया कि जब DCA पहले ही 11 अक्टूबर 2025 को असंबद्ध हो चुका था, तब उसके अध्यक्ष धनंजय सिंह का 2 नवंबर को एडहॉक कमेटी की बैठक में हिस्सा लेना और निर्णय लेना पूरी तरह अवैध था।
हाईकोर्ट ने सभी सदस्यों को भेजे नोटिस
मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधीश सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने RCA से जुड़े सभी संबंधित सदस्यों को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही स्टे एप्लिकेशन पर भी नोटिस जारी कर मामले की अगली सुनवाई तय की गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतरिम अवधि में एडहॉक कमेटी के विवादित आदेश लागू नहीं होंगे।
धनंजय सिंह बोले- यह राजनीतिक साजिश
फैसले के बाद धनंजय सिंह खींवसर ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने कहीं भी यह नहीं कहा कि वे या जोधपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन डिस्क्वालीफाई हैं। उनके अनुसार, यदि DCA के खिलाफ सीधी सुनवाई होती तो उन्हें नोटिस जरूर मिलता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि एडहॉक कमेटी के 5 में से 4 सदस्यों ने DCA को सही माना था।
एडहॉक कमेटी कन्वीनर का पक्ष
RCA एडहॉक कमेटी के कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने कहा कि जो सिलेक्शन कमेटी गलत तरीके से बनाई गई थी, उसी पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि RCA ने कोर्ट के आदेश के अनुरूप 11 अक्टूबर को ही जोधपुर क्रिकेट एसोसिएशन की मान्यता रद्द कर दी थी। कुमावत ने कहा कि कोर्ट ने धनंजय सिंह को ‘पूर्व’ पदाधिकारी मानते हुए नोटिस जारी किया था, जिस पर समय रहते कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई।
राजस्थान क्रिकेट की राजनीति में नया मोड़
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद RCA की कार्यप्रणाली, चयन प्रक्रिया और जिला संघों की वैधता पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले दिनों में यह मामला न केवल अदालत में बल्कि राजस्थान की सियासत में भी और तेज बहस का विषय बन सकता है।