छात्रसंघ चुनाव की मांग को झटका, राजस्थान हाईकोर्ट बोला– शिक्षा के अधिकार से ऊपर नहीं चुनाव

छात्रसंघ चुनाव की मांग पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा– शिक्षा सर्वोपरि, सरकार बनाए नीति

Dec 19, 2025 - 14:30
छात्रसंघ चुनाव की मांग को झटका, राजस्थान हाईकोर्ट बोला– शिक्षा के अधिकार से ऊपर नहीं चुनाव

राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव की मांग कर रहे छात्रों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। राजस्थान हाईकोर्ट ने छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक अधिकार जरूर है, लेकिन यह शिक्षा के अधिकार से ऊपर नहीं हो सकता।

शुक्रवार (19 दिसंबर) को जस्टिस उमाशंकर व्यास की एकलपीठ ने यह फैसला सुनाया। इससे पहले 14 नवंबर को जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने मामले में सुनवाई पूरी कर निर्णय सुरक्षित रखा था।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कॉलेज परिसरों में चुनाव संबंधी गतिविधियां शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित नहीं करनी चाहिए। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि छात्रसंघ चुनाव के लिए एक स्पष्ट नीति तैयार की जाए।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग एक समिति का गठन करे और 19 जनवरी 2026 को सभी महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों की बैठक बुलाकर आम सहमति से आगामी चुनावों की गाइडलाइन तय की जाए। यदि चुनाव नहीं कराए जाते हैं, तो सरकार को उसके पीछे ठोस और तार्किक कारण बताने होंगे।

इस फैसले से राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। मामले में याचिकाकर्ताओं जयराव, नीरज खींचड़ सहित अन्य की ओर से एडवोकेट शांतनु पारीक, अनीष भदाला और तुषार पंवार ने पैरवी की। वहीं राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने पक्ष रखा। न्यायमित्र के रूप में डॉ. अभिनव शर्मा ने भी अदालत में अपना मत प्रस्तुत किया।