राजस्थान JEN भर्ती महाघोटाला दोबारा हुई परीक्षा भी निकली लीक, PWD का सहायक अभियंता गिरफ्तार

सिस्टम को ठेंगा रद्द होने के बाद दोबारा हुई JEN परीक्षा भी निकली 'लीक'मेरिट होल्डर निकला माफिया का साथी पेपर लीक के चक्रव्यूह में फंसी JEN भर्ती दोबारा हुई परीक्षा भी निकली 'लीक',SOG का बड़ा खुलासा

Jan 29, 2026 - 18:38
राजस्थान JEN भर्ती महाघोटाला दोबारा हुई परीक्षा भी निकली लीक, PWD का सहायक अभियंता गिरफ्तार

जयपुर। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता पर एक बार फिर गहरा सवालिया निशान लग गया है जिस कनिष्ठ अभियंता (JEN) भर्ती परीक्षा-2020 को एक बार पेपर लीक होने के कारण रद्द किया गया था, अब खुलासा हुआ है कि 2021 में दोबारा आयोजित की गई वही परीक्षा भी लीक थी एसओजी (SOG) की जांच में सामने आया है कि पेपर माफिया का जाल इतना गहरा था कि उन्होंने सिस्टम को दोबारा चुनौती देते हुए अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही पेपर पढ़ा दिया था।

क्या है पूरा मामला?

दिसंबर 2020 में आयोजित कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद प्रदेश भर में काफी हंगामा हुआ था सरकार ने सांगानेर थाने में मामला दर्ज कर उस परीक्षा को निरस्त कर दिया था इसके बाद अभ्यर्थियों की उम्मीदों को नया जीवन देते हुए 12 सितंबर 2021 को दोबारा परीक्षा (JEN Civil Degree Holder) आयोजित की गई।

लेकिन, एसओजी की ताजा जांच ने सबको चौंका दिया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (SOG) श्री विशाल बंसल के अनुसार,जांच के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों से जब यह पूछा गया कि पहली परीक्षा रद्द होने के बाद वे दोबारा सफल कैसे हुए,तो उन्होंने कबूल किया कि दोबारा आयोजित परीक्षा का पेपर भी माफियाओं ने पहले ही निकाल लिया था।

सहायक अभियंता (AEN) तक पहुँचा गैंग का सदस्य

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला नाम गणपतलाल विश्नोई का सामने आया है। जांच के अनुसार, गणपतलाल ने न केवल अवैध तरीके से पेपर प्राप्त कर परीक्षा पास की, बल्कि वह मेरिट सूची में 12वें स्थान पर रहा

हैरानी की बात यह है कि वह वर्तमान में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD),बाड़मेर में सहायक अभियंता (AEN) के पद पर कार्यरत था यानी पेपर लीक के जरिए नौकरी पाने के बाद उसने पदोन्नति भी हासिल कर ली। एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

संगठित गिरोह का जाल: जगदीश विश्नोई गिरफ्तार

एसओजी ने इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड जगदीश विश्नोई (निवासी जालौर) को भी गिरफ्तार किया है पूछताछ में यह साफ हुआ कि जगदीश और उसके साथियों ने परीक्षा से कुछ समय पहले ही अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र मुहैया करा दिया था।

जांच में यह भी कड़वा सच सामने आया कि इसी समय (13 से 15 सितंबर 2021) के दौरान हुई सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा का पेपर भी इसी गिरोह ने लीक किया था इससे स्पष्ट होता है कि उस समय राजस्थान में एक संगठित पेपर माफिया सक्रिय था जो एक के बाद एक परीक्षाओं की शुचिता को भंग कर रहा था।

SOG की सख्त कार्रवाई और आगामी कदम

एसओजी ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है वर्तमान में पुलिस मुख्य आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके SOG के मुख्य उद्देश्य पेपर लीक नेटवर्क के सभी सदस्यों की पहचान करना अनुचित लाभ लेकर सरकारी पदों पर बैठे अन्य अभ्यर्थियों को पकड़ना अवैध नियुक्तियों को निरस्त कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू करना।