ग्रामीण महिलाओं की हुनरबाज़ी का रंगारंग मंच: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का किया भव्य शुभारंभ

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 18 दिसंबर 2025 को जयपुर के जवाहर कला केंद्र में सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का शुभारंभ किया। मेले में देश के 24 राज्यों से लगभग 300 स्टॉल्स लगी हैं, जहां ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा बनाए गए

Dec 18, 2025 - 16:22
ग्रामीण महिलाओं की हुनरबाज़ी का रंगारंग मंच: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का किया भव्य शुभारंभ

लखपति दीदी’ से आत्मनिर्भर भारत तक: स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं कर रही हैं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत

जयपुर, 18 दिसंबर। राजस्थान की राजधानी जयपुर एक बार फिर ग्रामीण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और महिलाओं के सशक्तिकरण का गवाह बनी, जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जवाहर कला केंद्र में सरस राजसखी राष्ट्रीय मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस मेले में देशभर की ग्रामीण महिलाएं अपने पारंपरिक शिल्प, हस्तकला और उत्पादों के साथ पहुंची हैं, जो न केवल उनकी मेहनत का प्रतीक हैं बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की मिसाल भी पेश कर रही हैं।

 मुख्यमंत्री शर्मा ने मेले का उद्घाटन करने के बाद विभिन्न स्टॉल्स का दौरा किया और महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने उनके उत्पादों की बारीकी से जानकारी ली और उनके कौशल की भरपूर प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने कहा, “स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल सशक्त हो रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत दे रही हैं। ये महिलाएं अपना घर संभालते हुए देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरस मेला इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब सही नीतियां, मजबूत संस्थागत ढांचा और प्रभावी क्रियान्वयन एक साथ आते हैं, तो ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थायी और समावेशी बदलाव आता है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर राजस्थान और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक बताया।यह राष्ट्रीय मेला 4 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें राजस्थान सहित देश के 24 राज्यों से लगभग 300 स्टॉल्स लगाई गई हैं। यहां ग्रामीण भारत की लोक कला, शिल्प कौशल, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, पारंपरिक वस्त्र और अन्य उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय हो रहा है। मेले में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विविधता झलक रही है, जो आगंतुकों को एक छत के नीचे पूरे देश की झलक दिखा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा, राजीविका परियोजनाओं एवं स्वयं सहायता समूहों की स्टेट मिशन डायरेक्टर नेहा गिरी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे।