तीस साल का संघर्ष और सिर्फ फ़र्श पर नींद… अमेरिका से लौटी हरजीत कौर की कहानी
73 वर्षीय हरजीत कौर, जिन्होंने अमेरिका में 30 साल बिताए, अवैध प्रवासी बताकर निर्वासित हुईं। हिरासत केंद्र में अमानवीय बर्ताव और फ़र्श पर सोने को मजबूर किया गया।
नई दिल्ली:
पंजाब की 73 वर्षीय सिख महिला हरजीत कौर अमेरिका से भारत लौट आई हैं। 1992 में अकेली मां के तौर पर दो बेटों के साथ अमेरिका गईं हरजीत कौर ने वहां 30 साल बिताए, लेकिन अब उन्हें अवैध प्रवासी बताकर वापस भेज दिया गया।
उनके वकील दीपक अहलूवालिया ने बताया कि हरजीत कौर और अन्य 131 लोगों के साथ विमान में अमानवीय व्यवहार हुआ। एक अधिकारी उन्हें हथकड़ी लगाने ही वाला था, तभी दूसरे ने रोक दिया। हिरासत केंद्र में उन्हें फ़र्श पर सोना पड़ा और नहा भी नहीं सकीं। घुटनों की सर्जरी के कारण उठना उनके लिए बेहद मुश्किल था।
हरजीत कौर ने 13 साल तक हर छह महीने ICE अधिकारियों के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी बहू मंज़ी कौर ने बताया, "वह हमेशा कानून का पालन करती रही हैं, टैक्स देती रही हैं और कभी किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया।"
अमेरिकी सांसदों ने भी उनकी Deportation की आलोचना की। कैलिफ़ोर्निया के डेमोक्रेट सांसद जॉन गारामेंडी ने कहा कि यह 73 साल की सम्मानित महिला के साथ अन्याय है, जिनका कोई अपराध रिकॉर्ड भी नहीं है।
हरजीत कौर की कहानी दिखाती है कि मेहनत और ईमानदारी के बावजूद भी कई प्रवासियों को न्याय नहीं मिलता।