कड़ाके की सर्दी में भी नहीं डिगे हौसले: 75 साल के हेमाराम चौधरी धोरीमन्ना में धरने पर, गुड़ामालानी-धोरीमन्ना को बालोतरा में शामिल करने का विरोध तेज

राजस्थान सरकार ने 31 दिसंबर 2025 को जारी नोटिफिकेशन से बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में बदलाव किया। इसमें बाड़मेर से धोरीमन्ना और गुड़ामालानी उपखंडों को बालोतरा जिले में शामिल कर दिया गया, जबकि बालोतरा से बायतु उपखंड को वापस बाड़मेर में जोड़ा गया।

Jan 5, 2026 - 12:21
कड़ाके की सर्दी में भी नहीं डिगे हौसले: 75 साल के हेमाराम चौधरी धोरीमन्ना में धरने पर, गुड़ामालानी-धोरीमन्ना को बालोतरा में शामिल करने का विरोध तेज

बाड़मेर/धोरीमन्ना. राजस्थान सरकार के बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं के पुनर्गठन के फैसले ने क्षेत्र में राजनीतिक घमासान मचा दिया है। 31 दिसंबर 2025 को जारी नोटिफिकेशन में बाड़मेर से गुड़ामालानी और धोरीमन्ना उपखंडों को बालोतरा जिले में शामिल कर दिया गया, जबकि बायतु उपखंड को बालोतरा से हटाकर वापस बाड़मेर में जोड़ा गया। इस फैसले के खिलाफ धोरीमन्ना में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी (75 वर्ष) ने इस फैसले को जनता की सुविधा और भौगोलिक वास्तविकताओं के खिलाफ बताते हुए धोरीमन्ना मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। रविवार रात कड़कड़ाती ठंड में उन्होंने कंबल ओढ़कर धरना स्थल पर ही रात गुजारी। सोमवार को धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। धरने में स्थानीय जनप्रतिनिधि और सैकड़ों ग्रामीण शामिल हो रहे हैं।

हेमाराम चौधरी ने कहा, "यह फैसला जनविरोधी है। गुड़ामालानी और धोरीमन्ना के लोगों को अब जिला मुख्यालय बालोतरा पहुंचने में अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय, पैसा और मेहनत बर्बाद होगी। यदि प्रशासनिक पुनर्गठन करना ही था, तो सांचौर, चितलवाना, धोरीमन्ना और गुड़ामालानी को मिलाकर धोरीमन्ना को नया जिला बनाया जाना चाहिए था।" उन्होंने सरकार से आदेश निरस्त करने की मांग की और इसे राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित बताया।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस फैसले को "तुगलकी फरमान" करार देते हुए कहा कि यह प्रशासनिक दृष्टि से तर्कसंगत नहीं है और जनता के साथ अन्याय है। कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने इसे राजनीतिक मकसद से तहसीलों को तोड़ने का आरोप लगाया।दूसरी ओर, भाजपा समर्थक इस बदलाव पर खुशी जता रहे हैं। धोरीमन्ना में कुछ स्थानों पर वाहन रैलियां निकाली गईं और पटाखे फोड़कर जश्न मनाया गया।

 नया जिला ढांचा:बालोतरा जिला: अब बालोतरा, सिणधरी, सिवाना, धोरीमन्ना और गुड़ामालानी उपखंड शामिल (5 उपखंड, 9 तहसीलें)।

बाड़मेर जिला: बाड़मेर, गडरा रोड, चौहटन, रामसर, बायतु, सेडवा और शिव उपखंड (7 उपखंड, 11 तहसीलें)।

यह बदलाव सीमा से सटे क्षेत्रों में प्रशासनिक सुविधा और राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर रहा है। धरना जारी रहने से आंदोलन और तेज होने के संकेत हैं। क्षेत्रवासी सरकार से पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं।