बीकानेर के नाल एयरपोर्ट पर वसुंधरा राजे और गोविंद सिंह डोटासरा की अनोखी मुलाकात
बीकानेर के नाल एयरपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की चार मिनट की सौहार्दपूर्ण मुलाकात का वीडियो चर्चा में है। दोनों नेता रामेश्वर डूडी के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे थे। डोटासरा ने वसुंधरा के लिए 20 मिनट इंतजार किया और उनका स्वागत किया।
बीकानेर, 9 अक्टूबर 2025: राजस्थान की सियासत में एक अनोखा और दिलचस्प नजारा उस समय देखने को मिला, जब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच बीकानेर के नाल एयरपोर्ट पर चार मिनट की बातचीत हुई। यह मुलाकात न केवल सौहार्दपूर्ण रही, बल्कि इसमें सियासी तंज और हल्की-फुल्की हंसी-मजाक ने इसे और भी यादगार बना दिया। इस मुलाकात का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
मुलाकात का पृष्ठभूमि और कारण
शहर कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने बताया कि यह मुलाकात तब हुई, जब दोनों दिग्गज नेता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर डूडी के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए बीकानेर पहुंचे थे। डोटासरा उस दिन कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को नाल एयरपोर्ट पर छोड़ने गए थे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि वसुंधरा राजे भी एयरपोर्ट पर पहुंचने वाली हैं। इस सूचना पर डोटासरा ने करीब 20 मिनट तक उनका इंतजार किया और उनके आने पर स्वागत किया।
गर्मजोशी भरा स्वागत
यशपाल गहलोत के अनुसार, जब वसुंधरा राजे एयरपोर्ट पर पहुंचीं, तो डोटासरा ने उनका स्वागत करते हुए कहा, "मैं तो जा रहा था, लेकिन आपके आने की सूचना मिली तो आपका स्वागत करने के लिए रुक गया।" इस पर वसुंधरा ने न केवल उनका धन्यवाद किया, बल्कि उनका हाथ पकड़कर मुस्कुराते हुए कहा, "ये अच्छा किया।" इस छोटे-से संवाद ने दोनों नेताओं के बीच आपसी सम्मान और सौजन्य की झलक दिखाई।
सियासी तंज और हंसी-मजाक
बातचीत के दौरान डोटासरा ने हल्के-फुल्के अंदाज में सियासी तंज कसा। उन्होंने कहा, "आपने खाजूवाला से विश्वनाथ को टिकट दिया तो गोविंद जी (मेघवाल) हमारे पास आ गए।" इस पर वसुंधरा ने तुरंत जवाब दिया, "गोविंद के लिए तो अच्छा हो गया, कांग्रेस में आया तो कैबिनेट मंत्री बन गया। हमें विश्वनाथ जी मिल गए।" डोटासरा ने फिर हल्के अंदाज में कहा, "हमारे यहां गोविंद जी आपको ही याद करते रहते हैं।" इस बात पर वसुंधरा ठहाका मारकर हंस पड़ीं, जिससे माहौल और भी हल्का और खुशनुमा हो गया।
विदाई में भी हंसी का दौर
जब दोनों नेता जाने लगे, तो वसुंधरा ने डोटासरा से पूछा, "अब आप कहां जा रहे हैं?" इस पर डोटासरा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "यहां से सीधे अंता ही जाएंगे।" वसुंधरा ने तपाक से कहा, "वहां मैं आपको सामने ही मिलूंगी।" इस मजेदार जवाब पर वहां मौजूद भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच ठहाके गूंज उठे। इस छोटी-सी बातचीत ने सियासी प्रतिद्वंद्विता के बीच हास्य और सौहार्द का अनूठा रंग जोड़ा।
सियासत में सौहार्द का संदेश
यह मुलाकात भले ही चार मिनट की रही हो, लेकिन इसने राजस्थान की सियासत में एक सकारात्मक संदेश दिया। आमतौर पर एक-दूसरे के खिलाफ तीखे बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले इन दो नेताओं की इस मुलाकात ने दिखाया कि सियासत के मैदान में भी आपसी सम्मान और हल्का-फुल्का हास्य संभव है। इस वीडियो ने न केवल बीकानेर, बल्कि पूरे राजस्थान में सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का माहौल बना दिया है।