मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील पहल से गंभीर रोगियों को मिलेगा बड़ा लाभ, 30 हजार से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क जुड़ा
राजस्थान की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर बड़ा विस्तार किया गया है। अब योजना में आउट-बाउंड पोर्टेबिलिटी लागू हो गई है,
जयपुर, 3 जनवरी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी और जनहितकारी पहल से मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) अब देशभर में एक मिसाल बन चुकी है। इस योजना के तहत प्रदेश के करोड़ों पात्र परिवारों को अब देश के किसी भी कोने में निःशुल्क और कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के अथक प्रयासों और मुख्यमंत्री की ऐतिहासिक निर्णय से योजना में देश के 30 हजार से अधिक अस्पतालों का विशाल नेटवर्क शामिल कर लिया गया है। इससे राजस्थान के नागरिकों को दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्यों के नामी-गिरामी अस्पतालों में उच्च गुणवत्ता वाला उपचार उपलब्ध हो सकेगा। यह कदम यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के सपने को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि MAA योजना प्रदेश के करोड़ों परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कवच बन चुकी है। केंद्र की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) को इसमें एकीकृत कर इसे और वृहद रूप दिया गया है। अब यह योजना न केवल राजस्थान के अंदर, बल्कि प्रदेश की सीमाओं से बाहर भी निःशुल्क इलाज की गारंटी प्रदान कर रही है। लगभग छह महीने पहले इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी शुरू की गई थी, जिसमें पहले चरण में इन-बाउंड पोर्टेबिलिटी लागू हुई—जिससे अन्य राज्यों के नागरिक राजस्थान में इलाज करा सके। अब 19 दिसंबर से आउट-बाउंड पोर्टेबिलिटी शुरू हो गई है, जिससे राजस्थान के पात्र परिवार देश के अन्य राज्यों में कैशलेस उपचार ले सकेंगे।
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की पीड़ा होगी कम
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि पहले गंभीर रोगों जैसे कैंसर, हृदय रोग या अंग प्रत्यारोपण के लिए मरीजों को दिल्ली, गुजरात या अन्य राज्यों में जाना पड़ता था, जहां भारी खर्च उठाना पड़ता था। इस मजबूरी को समझते हुए राज्य सरकार ने आउट-बाउंड पोर्टेबिलिटी लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया। अब राजस्थान के सभी पात्र परिवार (PMJAY और MAA दोनों के लाभार्थी) देश के बाहर एम्पैनल्ड अस्पतालों में 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज प्राप्त कर सकेंगे।
श्रीमती राठौड़ ने आगे बताया कि इस सुविधा के तहत तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के बाकी राज्यों के लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पताल शामिल हैं। पड़ोसी राज्यों के प्रमुख अस्पतालों में दिल्ली के 184, गुजरात के 2067, हरियाणा के 1366, मध्य प्रदेश के 1622, महाराष्ट्र के 1709, पंजाब के 823 और उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें दिल्ली और भोपाल का AIIMS, मेदांता, चंडीगढ़ का PGI, लखनऊ का KGMU, गुजरात का UN मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी और गुजरात कैंसर एंड रिसर्च सेंटर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं।
अब तक 7100 करोड़ का कैशलेस इलाज, 350 मरीजों ने दूसरे राज्यों में लिया लाभ
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि आउट-बाउंड पोर्टेबिलिटी शुरू होने के मात्र 15 दिनों में ही लगभग 350 मरीजों ने दूसरे राज्यों में उपचार लिया है। योजना के तहत प्रदेश के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस कवर मिल रहा है। इसमें 2200 से अधिक प्रकार के उपचार पैकेज शामिल हैं, जो सामान्य बीमारियों से लेकर कैंसर, हृदय रोग, किडनी ट्रांसप्लांट जैसी जटिल सर्जरी तक कवर करते हैं। पिछले दो वर्षों में 37 लाख से अधिक मरीजों को 7100 करोड़ रुपये से ज्यादा का निःशुल्क इलाज प्रदान किया जा चुका है, जिसमें ढाई लाख गंभीर रोगी भी शामिल हैं जिन्हें नया जीवन मिला।
इलाज सबके लिए' का संकल्प होगा पूरा
यह आउट-बाउंड पोर्टेबिलिटी का निर्णय उन लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो गंभीर बीमारियों के लिए बड़े शहरों के विशेष अस्पतालों पर निर्भर होते हैं। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना ने साबित कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में न दूरी आड़े आएगी, न आर्थिक स्थिति। यह पहल "इलाज सबके लिए" के संकल्प को धरातल पर उतार रही है और राजस्थान को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बना रही है।