कलेक्टर और SP सहित फील्ड अधिकारियों के ट्रांसफर पर रोक: पंचायत-निकाय चुनावों में निष्पक्षता के लिए आयोग की सख्ती

राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी पंचायत और निकाय चुनावों को निष्पक्ष बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) सहित सभी फील्ड अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर रोक लगा दी गई है। अपने गृह जिले में तैनात अधिकारियों को 28 फरवरी तक हटाना अनिवार्य है।

Jan 2, 2026 - 17:43
कलेक्टर और SP सहित फील्ड अधिकारियों के ट्रांसफर पर रोक: पंचायत-निकाय चुनावों में निष्पक्षता के लिए आयोग की सख्ती

जयपुर/भोपाल (तारीख: 02 जनवरी 2026) – आगामी पंचायत और निकाय चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) सहित सभी फील्ड पोस्टिंग वाले अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर पूर्ण रोक लगा दी है। साथ ही, जो अधिकारी अपने गृह जिले या क्षेत्र में तैनात हैं, उन्हें 28 फरवरी 2026 तक पद से हटाने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

ये आदेश जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP), अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम), उपखंड अधिकारी (एसडीएम), थानाधिकारी और अन्य संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों पर समान रूप से लागू होंगे। आयोग के मुताबिक, ये प्रतिबंध चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से लागू हो जाएंगे और चुनाव समाप्त होने तक जारी रहेंगे। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के स्थानीय प्रभाव या पक्षपात को पूरी तरह रोकना है।

3 साल से अधिक तैनाती वाले कलेक्टर-SP सहित अधिकारियों का अनिवार्य ट्रांसफर

आयोग ने विशेष जोर उन अधिकारियों पर दिया है जो एक ही स्थान पर लंबे समय से पदस्थ हैं। निर्देश में कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी (कलेक्टर, SP सहित) की एक ही जिले, नगर पालिका या पंचायत समिति क्षेत्र में पोस्टिंग 3 साल या उससे अधिक हो चुकी है, तो उसे अनिवार्य रूप से हटाया जाएगा। इसके लिए कट-ऑफ डेट 30 अप्रैल 2026 तय की गई है। 

यानी 30 अप्रैल तक यदि किसी अधिकारी की पोस्टिंग अवधि 3 साल पूरी हो रही है या उससे ज्यादा हो गई है, तो उसे संबंधित क्षेत्र से बाहर ट्रांसफर करना जरूरी होगा। आयोग का मानना है कि लंबी तैनाती से स्थानीय स्तर पर प्रभाव बढ़ सकता है, जो चुनाव की निष्पक्षता पर असर डाल सकता है।

28 फरवरी तक ट्रांसफर की अंतिम समय-सीमा

सरकार और संबंधित विभागों को इन नियमों के अनुसार जरूरी ट्रांसफर करने के लिए 28 फरवरी 2026 तक का समय दिया गया है। इस तारीख के बाद यदि कोई अधिकारी (कलेक्टर, SP या अन्य) इन मानदंडों के विरुद्ध पद पर बना रहता है, तो सख्त कार्रवाई होगी। आयोग ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि इस अवधि में सभी आवश्यक स्थानांतरण समय पर पूरे कर लिए जाएं। 

वोटर लिस्ट से जुड़े अधिकारियों के ट्रांसफर पर विशेष प्रतिबंध

मतदाता सूची तैयार करने में लगे अधिकारियों (एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि) के ट्रांसफर पर आयोग ने अतिरिक्त सख्ती दिखाई है। निर्देश है कि वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन होने तक इन अधिकारियों का ट्रांसफर आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। इससे मतदाता सूची की तैयारी बिना किसी रुकावट के समय पर पूरी हो सकेगी। 

चुनावी तैयारियों का व्यापक असर

राज्य में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद और निकाय चुनावों की तैयारियां तेज हैं। मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण चल रहा है और जल्द ही चुनावी कार्यक्रम घोषित होने की उम्मीद है। आयोग के इन कदमों से प्रशासन और पुलिस की मशीनरी पूरी तरह निष्पक्ष रहेगी तथा लोकतंत्र की प्रक्रिया मजबूत होगी।