बाड़मेर-बालोतरा बंटवारे पर बरसे हरीश चौधरी: 'मुझे रोकने की गलतफहमी छोड़ दें मुख्यमंत्री'"

विधानसभा में हरीश चौधरी ने बाड़मेर–बालोतरा जिले के फैसले पर भजनलाल सरकार को घेरा। नामकरण विवाद से लेकर राजनीतिक आरोपों तक तीखी बहस हुई।

Feb 3, 2026 - 17:17
बाड़मेर-बालोतरा बंटवारे पर बरसे हरीश चौधरी: 'मुझे रोकने की गलतफहमी छोड़ दें मुख्यमंत्री'"

राजस्थान विधानसभा के सत्र में आज एक बार फिर राजनीतिक आरोप–प्रत्यारोप की गूंज सुनाई दी। कांग्रेस नेता और बायतु विधायक हरीश चौधरी ने बाड़मेर–बालोतरा जिले के गठन को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इस फैसले को “तारीख निकल जाने के बाद लिया गया निर्णय” बताया और दावा किया कि सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए जल्दबाजी में यह घोषणा की।

मुझे रोकने की गलतफहमी छोड़ दें”: हरीश चौधरी

विधानसभा में बोलते हुए हरीश चौधरी ने तीखे शब्दों में सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बाड़मेर और बालोतरा को अलग जिला बनाने का फैसला इस सोच के साथ लिया गया मानो इससे उनके राजनीतिक प्रभाव को रोका जा सके। उन्होंने साफ कहा,आप क्या यह सोच रहे हो कि इस अलग करने से हरीश चौधरी को यहाँ आने से रोक लोगे? यह गलतफहमी छोड़ दो।" हरीश चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि इससे पहले भी कई मुख्यमंत्री उन्हें रोकने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन जनता का समर्थन उन्हें हमेशा आगे लाता रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बायतु चाहे तो वे हमेशा जनता के बीच खड़े रहेंगे और भविष्य में यदि ‘थार’ चाहेगा तो वहां भी जाएंगे।

भुर सिंह की ढाणी’ मामले को लेकर उठाए प्रश्न

अपने भाषण में हरीश चौधरी ने शिव विधानसभा क्षेत्र में स्थित “भुर सिंह की ढाणी” का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस नामकरण को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। चौधरी के अनुसार, यह नाम बाड़मेर नगर परिषद के एक कांग्रेस नेता के परिजन के नाम पर रखा गया है, जबकि परंपरा में किसी व्यक्ति के नाम पर राजस्व ग्राम पंचायत बनाने की मिसाल नहीं मिलती।

राजपूत नेताओं का योगदान याद किया

चौधरी ने अपने संबोधन में क्षेत्र के अनेक राजपूत नेताओं का ज़िक्र भी किया। उन्होंने स्वर्गीय तन सिंह, स्वर्गीय जसवंत सिंह और भगवान सिंह रोलसाहबसर जैसे नेताओं को याद करते हुए कहा कि इन सभी ने जीवन भर थार क्षेत्र की सेवा की और क्षेत्रीय पहचान को मजबूत किया।

ग्राम पंचायतों का मिला-जुला खेल सरकार का मॉडल”

अंत में हरीश चौधरी ने ग्राम पंचायतों में हो रहे बदलावों को सरकार की राजनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के गठन और नामकरण में जो “मिला-जुला खेल” चल रहा है, वह भजनलाल सरकार का मॉडल है और जनता को इस सच्चाई से अवगत कराना जरूरी है। हरीश चौधरी के इन आरोपों ने राजनीतिक माहौल को फिर से गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।