भारत-पाक सीमा पर जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़: ई-मित्र संचालक पर ISI से जुड़े होने का संदेह, जांच तेज

जैसलमेर में ई-मित्र संचालक को ISI से जुड़े जासूसी नेटवर्क के संदेह में हिरासत में लिया गया है। सोशल मीडिया और हनी-ट्रैप के जरिए संवेदनशील जानकारी साझा करने की आशंका है। एजेंसियां डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं।

Jan 27, 2026 - 09:45
भारत-पाक सीमा पर जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़: ई-मित्र संचालक पर ISI से जुड़े होने का संदेह, जांच तेज
ए आई जनरेटेड

जैसलमेर जिले में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े एक कथित जासूसी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस से कुछ घंटे पहले एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया, जिस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने का संदेह जताया जा रहा है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संदिग्ध युवक सीमा क्षेत्र में एक ई-मित्र केंद्र का संचालन करता था। आरोप है कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से एक पाकिस्तानी महिला के संपर्क में था, जिसे उसका हैंडलर बताया जा रहा है। एजेंसियों को संदेह है कि इसी संपर्क के जरिए उसे हनी-ट्रैप में फंसाकर सामरिक और संवेदनशील जानकारियां साझा करवाई गईं।

सीआईडी-इंटेलिजेंस टीम ने आरोपी को जैसलमेर से पूछताछ के बाद जयपुर ले जाकर गहन पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसियों ने उसके मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोपी पिछले चार वर्षों से गांव में ई-मित्र केंद्र चला रहा था, जिससे उसे सरकारी योजनाओं और दस्तावेजों तक पहुंच प्राप्त थी।

हालांकि, अब तक किसी भी सुरक्षा एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि साझा की गई जानकारी का दायरा कितना बड़ा था और इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।

गौरतलब है कि वर्ष 2025 में जैसलमेर जिले में जासूसी के आरोपों में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। विभिन्न मामलों में सेना की गतिविधियों, सैन्य ठिकानों, सड़कों, पुलों और अन्य रणनीतिक स्थानों से जुड़ी सूचनाएं पाकिस्तान भेजने के आरोप सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर बेहद गोपनीयता के साथ जांच कर रही हैं।

Nathusingh BA/MA Arts