खाटू श्याम मंदिर के लिए हर 20 मिनट में ट्रेन खाटू श्याम मेले के लिए रेलवे की मेगा प्लानिंग भक्तों के लिए अच्छी खबर

खाटू श्याम फाल्गुनी लक्खी मेला 2026 के लिए रेलवे ने दी बड़ी सौगात 20 स्पेशल ट्रेनें और हर 20 मिनट में मिलेगी सुविधा जानिए रिंगस स्टेशन पर सुरक्षा और टिकट के नए इंतजामों की पूरी डिटेल

Jan 29, 2026 - 12:36
खाटू श्याम मंदिर के लिए हर 20 मिनट में ट्रेन खाटू श्याम मेले के लिए रेलवे की मेगा प्लानिंग भक्तों के लिए अच्छी खबर

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्याम जी के वार्षिक 'फाल्गुनी लक्खी मेले' का शंखनाद होने वाला है वर्ष 2026 का यह महाकुंभ 21 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी तक चलेगा देशभर से उमड़ने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे (उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर मंडल) ने अपनी कमर कस ली है बाबा श्याम के भक्तों को इस बार सफर में कोई परेशानी न हो,इसके लिए रेलवे ने 'स्पेशल ट्रेनों' के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

रिंगस जंक्शन पर ट्रेनों की बौछार

रींगस रेलवे स्टेशन,जो खाटू श्याम जी का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है,वहां इस बार ट्रेनों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की गई है मेले के दौरान रिंगस से प्रतिदिन 68 ट्रेनें गुज़रेगी इसमें 48 नियमित ट्रेनें हैं,जबकि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 20 विशेष मेला ट्रेनें चलाने की मंजूरी दी गई है

रेलवे का लक्ष्य है कि हर 20 मिनट में एक ट्रेन रिंगस स्टेशन पर उपलब्ध हो, ताकि यात्रियों को स्टेशन पर लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े और भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सके। इसके अलावा,किसी भी आपात स्थिति या अचानक भीड़ बढ़ने पर निपटने के लिए दो डेमू (DEMU) ट्रेनों को स्पेयर (रिजर्व) में रखा गया है।

टिकट के लिए नहीं लगेगी लंबी कतारें

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने डिजिटल और फिजिकल दोनों माध्यमों पर जोर दिया है स्टेशन पर 20 स्थायी टिकट खिड़कियां खोली गई हैं साथ ही,तकनीक का लाभ देते हुए 10 मोबाइल यूनिट्स तैनात की गई हैं,जो ई-टिकट जारी करेंगी इससे भक्त कम समय में टिकट लेकर अपनी यात्रा शुरू कर सकेंगे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम 350 से ज्यादा जवान तैनात

मेले में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के 350 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है जीआरपी चौकी इंचार्ज एएसआई मुकेश कुमार के अनुसार,पूरे स्टेशन परिसर और मेला क्षेत्र में 20 सुरक्षा सहायता बूथ बनाए गए हैं। ये बूथ न केवल यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करेंगे,बल्कि नियमों की जानकारी और खोए-पाए सामान की सहायता भी करेंगे।

यात्रियों के लिए शेल्टर हाउस और विश्राम गृह

दूर-दराज से आने वाले भक्तों की थकान को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने विशेष शेल्टर हाउस और विश्राम गृह तैयार किए हैं। यहां श्रद्धालु अपनी पदयात्रा शुरू करने से पहले आराम कर सकेंगे गौरतलब है कि रिंगस पहुंचने के बाद अधिकांश भक्त करीब 17 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करके बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाते हैं।

रेलवे को रिकॉर्ड आय की उम्मीद

बाबा श्याम के प्रति अटूट आस्था न केवल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ा रही है,बल्कि रेलवे के राजस्व में भी भारी इजाफा कर रही है आंकड़ों के अनुसार,वर्ष 2025 के नववर्ष मेले के दौरान रेलवे को प्रतिदिन लगभग 15-16 लाख रुपये की आय हुई थी अधिकारियों का अनुमान है कि इस बार फाल्गुनी मेले में यह आय दोगुनी (करीब 30 लाख रुपये प्रतिदिन) तक पहुंच सकती है।

भक्तों के लिए मुख्य निर्देश

भीड़भाड़ से बचने के लिए रेलवे की मोबाइल ऐप का उपयोग करें अनधिकृत विक्रेताओं से टिकट न खरीदें और सहायता बूथ का उपयोग करें स्टेशन और ट्रेन में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।इस बार की रेलवे तैयारियां स्पष्ट करती हैं कि प्रशासन का पूरा जोर 'सुरक्षित यात्रा,सुगम दर्शन' पर है बाबा श्याम के जयकारों के साथ भक्त अब निश्चिंत होकर अपनी आस्था की डगर पर आगे बढ़ सकते हैं।