प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण का नया अध्याय: राजस्थान में राजीविका महिलाएं बन रही लखपति दीदी, बजट में मांगें अमूल्य सुझाव

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 16 जनवरी 2026 को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में राजीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

Jan 16, 2026 - 16:32
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण का नया अध्याय: राजस्थान में राजीविका महिलाएं बन रही लखपति दीदी, बजट में मांगें अमूल्य सुझाव

जयपुर, 16 जनवरी 2026 – राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार महिला सशक्तीकरण को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में राजीविका स्वयं सहायता समूहों की हजारों महिलाओं के साथ बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में भाग लिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश महिला सशक्तीकरण का नया इतिहास रच रहा है। राजस्थान में राजीविका मिशन के माध्यम से महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि पूरे परिवार को मजबूत आर्थिक आधार प्रदान कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजीविका की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक 13 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनमें से कई मिलेनियर दीदी भी बन रही हैं। उन्होंने कहा, "हमारी संस्कृति में मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और मां दुर्गा की पूजा होती है – ये तीनों रूप हमारी माताओं-बहनों में विद्यमान हैं। डबल इंजन सरकार आवास, रसोई गैस सब्सिडी जैसी योजनाओं से महिलाओं को लाभ पहुंचा रही है।"

महिलाएं साबित कर रही हैं बेहतरीन प्रबंधक और उद्यमी क्षमता

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि राजीविका ने महिलाओं को ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज लेने की मजबूरी से मुक्ति दिलाई है। आज वे बेहतरीन प्रबंधक और उद्यमी साबित हो रही हैं। प्रदेश में 51 लाख ग्रामीण परिवार 4 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़े हैं। राजीविका का मजबूत नेटवर्क 32 हजार ग्राम संगठनों और 1 हजार से अधिक क्लस्टर लेवल फेडरेशनों के माध्यम से खड़ा किया गया है। आजीविका संवर्धन के तहत 36 लाख परिवार कृषि, पशुपालन और अन्य गतिविधियों से जुड़े हैं। 

सरकार ने राजीविका के माध्यम से 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि आजीविका संवर्धन के लिए प्रदान की है। 3,500 से अधिक उत्पादक समूह गठित किए गए हैं, जिनसे 3 लाख परिवार कृषि-पशुपालन में जुड़े हैं। पशुपालक महिलाओं को दूध पर 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा में महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई:लाड़ो प्रोत्साहन योजना में राशि 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये की गई।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 5 हजार से बढ़ाकर 6,500 रुपये किया गया, जिससे 10 लाख गर्भवती महिलाओं को 531 करोड़ रुपये दिए गए।

मा वाउचर योजना से 2 लाख 26 हजार महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी का लाभ मिला।

शिक्षा सेतु योजना के तहत 90 हजार से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया गया।

महिला सुरक्षा के लिए 500 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट सक्रिय हैं।

रोजगार और स्वरोजगार के भरपूर अवसर

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अब तक 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी हैं, 1.44 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। 12 जनवरी (युवा दिवस) को 1 लाख पदों की भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया गया, जिसमें महिलाओं को भी प्राथमिकता मिलेगी। युवा नीति के तहत स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए गए हैं।

बजट में महिलाओं के सुझावों को जगह: "घर का बजट तय करने वाली महिलाएं राजस्थान का बजट भी संवारें"

मुख्यमंत्री ने राजीविका महिलाओं से अपील की कि वे स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने, नए आजीविका अवसर, उत्पाद बिक्री, प्रशिक्षण और कौशल विकास से जुड़े सुझाव दें। उन्होंने कहा, "महिलाएं घर का बजट तय करती हैं, अब राजस्थान के बजट में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण होगा।"कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, राज्य मंत्री ओटा राम देवासी, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया और राजीविका स्टेट मिशन निदेशक नेहा गिरी सहित बड़ी संख्या में राजीविका महिलाएं उपस्थित रहीं।