बाड़मेर में पद्मश्री मगराज जैन की मूर्ति अनावरण और छात्रावास शिलान्यास कार्यक्रम सम्पन्न

बाड़मेर में पद्मश्री मगराज जैन की मूर्ति अनावरण और बालिका छात्रावास का शिलान्यास हुआ। संतों और गणमान्य लोगों ने उनके मानवसेवा के कार्यों को श्रद्धांजलि दी।

Nov 6, 2025 - 19:13
बाड़मेर में पद्मश्री मगराज जैन की मूर्ति अनावरण और छात्रावास शिलान्यास कार्यक्रम सम्पन्न
पद्मश्री मगराज जैन की मूर्ति का अनावरण करते हुवे

बाड़मेर। मानवता की सेवा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए बाड़मेर में रविवार को पद्मश्री मगराज जैन की मूर्ति का अनावरण और बालिका छात्रावास का शिलान्यास समारोह सम्पन्न हुआ।

यह कार्यक्रम श्योर संस्था के माध्यम से मगराज जैन परिवार द्वारा श्री सत्य साई अंध एवं मूक-बधिर विद्यालय, सोमाणियों की ढाणी, गेहूं रोड, बाड़मेर में आयोजित किया गया।

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🔹 “मानवमात्र की सेवा ही सच्ची मानवसेवा” — आचार्य श्री जिनमणिप्रमसूरीश्वरजी म.सा.

मुख्य अतिथि आचार्य श्री जिनमणिप्रमसूरीश्वरजी म.सा. ने कहा —

> “जो व्यक्ति जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करता है, वही सच्चा सेवक है।”

उन्होंने कहा कि पद्मश्री मगराज जैन ने अपने जीवन में अभावों और संघर्षों को साधन बनाकर मानवसेवा की ऐसी मिसाल पेश की है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।

आचार्य श्री ने कहा कि मगराज जी ने समाज के उन बच्चों के लिए काम किया, जो देखने, सुनने या बोलने में असमर्थ हैं — यह कार्य उन्हें सच्चे अर्थों में ‘मानवता का तीर्थंकर’ बनाता है।

🔹 साध्वी विद्युतप्रभाश्रीजी म.सा. ने कहा — “मगराज जी संघर्षों के बीच खिला फूल हैं”

प.पू. बहिन म.सा. डॉ. श्री विद्युतप्रभाश्रीजी म.सा. ने कहा कि उनका मगराज जी से चार दशक का संबंध रहा है।

उन्होंने कहा —

> “बाग में रहकर कोई भी फूल खिल सकता है, पर जो जंगल में खिलता है और सुगंध फैलाता है, वही सच्चे अर्थों में जीवट व्यक्तित्व है।”

🔹 महंत प्रतापपूरी शास्त्री बोले — “संघर्ष, संकल्प और साधना का प्रतीक हैं मगराज जी”

तारातरा मठाधीश और विधायक महंत प्रतापपूरी शास्त्री ने कहा कि मगराज जी का जीवन संघर्ष, संकल्प, साधना और सफलता की यात्रा है।

उन्होंने कहा कि कर्तव्यबोध ही धर्म का सार है और मगराज जी ने यही सिखाया कि

> “जब मनुष्य अपने कर्तव्य को समझता है, तभी उसका जीवन सार्थक होता है।”

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🔹 सर्वधर्म समभाव की मिसाल

कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी बहन बबीता और मौलाना लाल मोहम्मद सिद्दीकी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

मौलाना सिद्दीकी ने कहा —

> “मगराज जैन ने अपने जीवन में वह सब किया, जो इंसानियत के लिए रब के सबसे करीब होने की निशानी है।”

उन्होंने शिक्षा, अस्पताल और समाजसेवा के क्षेत्रों में मगराज जी के योगदान को “ईश्वरीय प्रेरणा” बताया।

🔹 मूर्ति अनावरण और छात्रावास शिलान्यास

कार्यक्रम की शुरुआत पद्मश्री मगराज जैन की मूर्ति अनावरण और बालिका छात्रावास भवन के भूमिपूजन से हुई।

इस अवसर पर मगराज जैन के सुपुत्र आनंदराज जैन ने छात्रावास निर्माण के लिए ₹41 लाख की घोषणा की। इसके साथ ही श्योर संस्था की संयुक्त सचिव लता कच्छवाहा व महेन्द्र सिंह कच्छवाहा ने ₹11 लाख, मुमलाज अजीज फाउंडेशन ने ₹5 लाख, उम्मेदमल लोढ़ा ने ₹1 लाख और मुकेश वडे़रा ने ₹21 हजार का सहयोग दिया।

🔹 सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और फिल्म प्रदर्शन

विद्यालय के दिव्यांग बच्चों ने नवकार मंत्र की प्रस्तुति दी, जबकि

पद्मश्री अनवर खां, फकीरा खां, गफूर खां, भोपाराम ढाढी और गोकूल चौधरी ने लोक प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम में तनुश्री और रेनू जैन द्वारा निर्मित मगराज जी के जीवन पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।

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🔹 सर्वधर्म सेवा का उदाहरण — मुस्लिम भाइयों ने किया मार्ग साफ

कार्यक्रम के दौरान सर्वधर्म एकता की अनूठी मिसाल देखने को मिली।

तेज बारिश के कारण जैन संतों के आने का मार्ग कीचड़ से भर गया था।

इस स्थिति को देखकर हनीफ खान, एहदी खान और उस्मान खान स्वयं आगे आए और

बिना आग्रह के पूरा रास्ता साफ किया, रेत बिछाकर समतल बनाया।

उनकी इस सेवा भावना की सभी ने सराहना की।

🔹 गणमान्य अतिथि और आयोजन समिति

कार्यक्रम में पूर्व विधायक मेवाराम जैन, महंत प्रतापपूरी, विष्णु शर्मा, लता कच्छवाहा, द्वारका दास डोसी, अनंदराज जैन, कमलसिंह महेचा, डॉ. भुवनेश जैन, उदाराम मेघवाल सहित अनेक संत, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर जितेन्द्र बोहरा ने किया।

Mahaveer Sankhlecha I am a reporter dedicated to delivering accurate news and meaningful stories to the public.