लोकसभा हार के बाद भी पार्टी का भरोसा कायम: कैलाश चौधरी दूसरी बार बने राजस्थान BJP किसान मोर्चा अध्यक्ष

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राजस्थान में संगठनात्मक नियुक्तियों की घोषणा की है, जिसमें पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी को दूसरी बार राजस्थान BJP किसान मोर्चा का प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया है।

Dec 30, 2025 - 13:37
लोकसभा हार के बाद भी पार्टी का भरोसा कायम: कैलाश चौधरी दूसरी बार बने राजस्थान BJP किसान मोर्चा अध्यक्ष

जयपुर, 29 दिसंबर 2025: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राजस्थान में अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सोमवार को पार्टी के विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों की घोषणा की, जिसमें पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी को एक बार फिर किसान मोर्चा का प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया है। यह कैलाश चौधरी के लिए इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी की दूसरी पारी है। इससे पहले वे 2013 से 2017 तक राजस्थान BJP किसान मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं।

2024 के लोकसभा चुनाव में बाड़मेर सीट से हार का सामना करने के बावजूद पार्टी नेतृत्व ने कैलाश चौधरी पर भरोसा जताते हुए उन्हें यह बड़ी संगठनात्मक भूमिका सौंपी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्ति पार्टी की किसान वोट बैंक को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की रणनीति का हिस्सा है। कैलाश चौधरी का किसान पृष्ठभूमि से गहरा जुड़ाव और कृषि मंत्रालय में उनका अनुभव उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाता है।

कैलाश चौधरी का राजनीतिक सफर:

कैलाश चौधरी राजस्थान के बाड़मेर जिले से ताल्लुक रखते हैं और लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े हुए हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा संघर्षपूर्ण रही है। 2018 में उन्होंने बायतु विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। 

2019 के लोकसभा चुनाव में बाड़मेर-जैसलमेर सीट से बड़ी जीत हासिल कर वे संसद पहुंचे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में उन्हें कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री बनाया गया।

2024 के लोकसभा चुनाव में फिर बाड़मेर से मैदान में उतरे, लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में वे तीसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस उम्मीदवार उमेदाराम बेनीवाल विजयी हुए।

चुनावी हार के बावजूद BJP नेतृत्व ने चौधरी की संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए उन्हें किसान मोर्चा की कमान सौंपी है। यह नियुक्ति पार्टी के उस संदेश को भी रेखांकित करती है कि Dedicated कार्यकर्ताओं पर भरोसा बनाए रखा जाता है।

इस घोषणा में BJP ने कुल छह मोर्चों के अध्यक्षों के नाम  किए (महिला मोर्चा पर फैसला बाकी है):

युवा मोर्चा: शंकर लाल गौरा (ABVP बैकग्राउंड से) 

अनुसूचित जाति मोर्चा: निहालचंद मेघवाल (पूर्व केंद्रीय मंत्री)

अनुसूचित जनजाति मोर्चा: गोपीचंद मीणा

ओबीसी मोर्चा: महेंद्र कुमावत

अल्पसंख्यक मोर्चा: हामिद खान मेवाती (दोबारा नियुक्ति)

इन नियुक्तियों में जातिगत और सामाजिक संतुलन का ध्यान रखा गया है, जिसमें जाट, SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया गया है। पार्टी का उद्देश्य विभिन्न वर्गों में अपनी पहुंच बढ़ाना और आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करना है।राजस्थान BJP में यह बदलाव सत्ता में वापसी के बाद संगठनात्मक विस्तार की कवायद का हिस्सा माना जा रहा है। किसान मोर्चा के माध्यम से कैलाश चौधरी अब राज्य भर में किसान मुद्दों पर पार्टी की नीतियों को मजबूती से पहुंचाने का काम करेंगे।