राजस्थान में कांस्टेबल भर्ती: अमित शाह ने बांटे नियुक्ति पत्र, बिना सिफारिश मिली नौकरी
जयपुर में कांस्टेबल नियुक्ति समारोह में अमित शाह बोले—भर्ती में पारदर्शिता, अपराधों में बड़ी गिरावट
राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) जयपुर में शनिवार को कांस्टेबल नव नियुक्ति समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नव चयनित कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। समारोह में 8 हजार से अधिक नव नियुक्त कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिससे प्रदेश की कानून व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।
‘बिना सिफारिश और बिना खर्चे’ की भर्ती प्रक्रिया
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से ही संभव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पेपर लीक जैसी समस्याओं पर सख्ती से रोक लगाई है। इससे राजस्थान के युवाओं को बिना किसी सिफारिश और बिना अतिरिक्त खर्च के नौकरी मिलने का रास्ता साफ हुआ है।उन्होंने यह भी कहा कि योग्यता का सम्मान और भ्रष्टाचार का उन्मूलन ही सुशासन की असली पहचान है।
राजस्थान पुलिस को बताया अग्रणी बल
श्री अमित शाह ने राजस्थान पुलिस को देश के अग्रणी और सक्षम पुलिस बलों में से एक बताया। उन्होंने नव नियुक्त कांस्टेबलों को बधाई देते हुए कहा कि वर्दी पहनना केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेवा और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने जवानों से अपील की कि वे प्रशिक्षण के दौरान पूरी लगन से सीखें और फील्ड में जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखें।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि चयनित कांस्टेबलों में 2,500 से अधिक महिलाएं शामिल हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
अपराधों में आई उल्लेखनीय कमी
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरकार के सख्त कदमों और बेहतर कानून व्यवस्था के कारण पिछले दो वर्षों में प्रदेश में अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। कुल अपराधों में 14 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। हत्या, लूट, डकैती, महिलाओं और अनुसूचित वर्गों के खिलाफ अपराधों में भी कमी आई है। उन्होंने इसे सरकार की प्रतिबद्धता और पुलिस की सक्रियता का परिणाम बताया।
आधुनिक बन रही राजस्थान पुलिस
श्री शाह ने बताया कि बीते दो वर्षों में राजस्थान पुलिस को आधुनिक बनाने की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए हैं। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और साइबर अपराध नियंत्रण के लिए विशेष केंद्रों की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही 112 सेवा, सीसीटीएनएस और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को एकीकृत कर पुलिस की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाया गया है।
नए कानूनों से न्याय प्रणाली मजबूत
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पुराने औपनिवेशिक कानूनों को समाप्त कर तीन नए कानून लागू किए गए हैं। ये कानून नागरिकों के शरीर, संपत्ति और सम्मान की रक्षा की गारंटी देते हैं।नए प्रावधानों के तहत पुलिस, अभियोजन, जेल, एफएसएल और न्यायालय—पांचों स्तंभों को ऑनलाइन जोड़ा गया है, जिससे न्याय प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी है।
मुख्यमंत्री का संदेश: सजग और तत्पर रहें जवान
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह समय देश और प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने नव नियुक्त कांस्टेबलों से अपील की कि वे नए कानूनों को समझकर पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पुलिस प्रशिक्षण को आधुनिक बनाया है, जिसमें एआई और उन्नत फोरेंसिक तकनीक को शामिल किया गया है। साथ ही साइबर अपराध से निपटने के लिए राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (आर4सी) की स्थापना की घोषणा भी की गई।
समारोह में रहे ये प्रमुख लोग
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह ने प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और मजबूत कानून व्यवस्था के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाया।