RBI की नई मौद्रिक नीति: डिजिटल फ्रॉड पर मुआवजा, MSME लोन ₹20 लाख, EMI में राहत

RBI पॉलिसी में बड़ा ऐलान: डिजिटल ठगी पर ₹25,000 मुआवजा, MSME को ₹20 लाख लोन, रेपो रेट स्थिर

Feb 6, 2026 - 13:25
RBI की नई मौद्रिक नीति: डिजिटल फ्रॉड पर मुआवजा, MSME लोन ₹20 लाख, EMI में राहत

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को नई मौद्रिक नीति की घोषणा की। इस नीति का मुख्य उद्देश्य डिजिटल बैंकिंग को ज्यादा सुरक्षित बनाना और छोटे कारोबारियों को आसानी से कर्ज उपलब्ध कराना है। साथ ही ब्याज दरों को स्थिर रखते हुए अर्थव्यवस्था को संतुलित रखने पर जोर दिया गया है। इस नीति में आम ग्राहकों, छोटे व्यापारियों और वित्तीय संस्थानों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए हैं।

डिजिटल फ्रॉड पर ₹25,000 तक मुआवजा

ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान से जुड़े ग्राहकों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है। RBI ने छोटे मूल्य के डिजिटल फ्रॉड के मामलों में ग्राहकों को ₹25,000 तक मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए जल्द ही विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, बुजुर्ग ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन जैसे नए सुरक्षा फीचर लागू किए जाएंगे, ताकि ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को रोका जा सके।

MSME को बिना गारंटी ₹20 लाख तक लोन

छोटे और मझोले उद्यमियों (MSME) के लिए RBI ने बड़ा फैसला लिया है। अब बिना किसी गारंटी के मिलने वाले लोन की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है। इससे छोटे कारोबारियों को अपना बिजनेस बढ़ाने, नई मशीनरी खरीदने या कार्यशील पूंजी जुटाने में आसानी होगी। इस फैसले से रोजगार सृजन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। इसका सीधा फायदा यह है कि होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI फिलहाल नहीं बढ़ेगी। बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता बनाए रखने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।

GDP ग्रोथ और अन्य अहम घोषणाएं

RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए औसत महंगाई दर 2.1% रहने का अनुमान जताया है, जो कि राहत देने वाला है। हालांकि जनवरी से मार्च 2026 के बीच महंगाई 3.2% तक पहुंच सकती है, लेकिन इसे तकनीकी कारणों से जोड़कर देखा गया है। अनाज और सब्जियों की आपूर्ति फिलहाल मजबूत बनी हुई है। RBI ने 2026-27 की पहली छमाही के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया है। इसके अलावा अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों के लिए ‘मिशन सक्षम’ लॉन्च किया जाएगा, NBFCs के नियमों में ढील दी गई है और बैंकों को REITs को लोन देने की अनुमति दी गई है।