नागौर: थान सिंह डोली के पुराने बयान ने मचाया सियासी कोहराम, हेमाराम चौधरी के समर्थन में दी सफाई
नागौर में थान सिंह डोली के 'होली-दिवाली' वाले बयान पर सोशल मीडिया पर छिड़ा संग्राम। विवाद बढ़ता देख डोली ने दी सफाई, कहा- हेमाराम चौधरी मेरे मार्गदर्शक, बयान को गलत समझा गया।
नागौर जिले में थान सिंह डोली के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। बजरी माफिया के खिलाफ धरने के दौरान दिए गए उनके पुराने संदर्भ को लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है। डोली ने कहा था कि जब वे बजरी माफिया के खिलाफ धरने पर बैठे थे, तब उन्होंने न तो दीवाली मनाई और न ही होली, लेकिन उस समय किसी भी राजनीतिक दल या नेता ने उनकी सुध नहीं ली। उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब जिलों की सीमाओं में बदलाव को लेकर उनसे समर्थन मांगा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग तेज
डोली के बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने उनके बयान को लेकर सवाल उठाए और तीखी टिप्पणियां कीं। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक अवसरवाद से जोड़कर देखा, तो कुछ ने उनके पुराने संघर्षों को याद दिलाया। देखते ही देखते यह मुद्दा सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा और डोली को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
विवाद बढ़ने पर दिया स्पष्टीकरण
मामला बढ़ता देख थान सिंह डोली ने सार्वजनिक रूप से अपना स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि उनका बयान कांग्रेस के खिलाफ था, क्योंकि बजरी माफिया के खिलाफ धरने के दौरान कांग्रेस ने उनका साथ नहीं दिया था। डोली ने साफ किया कि उनका उद्देश्य किसी वरिष्ठ नेता पर सवाल उठाना नहीं था।
हेमाराम चौधरी के साथ खड़े होने का दावा
डोली ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपने वरिष्ठ मार्गदर्शक हेमाराम चौधरी का विरोध नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि धोरीमन्ना में चल रहा धरना किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़ा हुआ आंदोलन है। डोली के अनुसार वे हेमाराम चौधरी के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे अनावश्यक विवाद खड़ा हुआ।