बाड़मेर में जिला कलक्टर टीना डाबी का निरीक्षण, थाना और पशु चिकित्सालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा

बाड़मेर में जिला कलक्टर टीना डाबी ने रीको थाने और पशु चिकित्सालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

Feb 3, 2026 - 15:32
बाड़मेर में जिला कलक्टर टीना डाबी का निरीक्षण, थाना और पशु चिकित्सालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा

जिला कलक्टर टीना डाबी ने मंगलवार को बाड़मेर स्थित रीको थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर की समग्र स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण में अभिलेखों की जांच, शिकायत पंजिका, मालखाना, सीसीटीवी व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। जिला कलक्टर ने थाने में दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों का निस्तारण समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से किया जाए।

आमजन की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उन पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जिला कलक्टर ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और औद्योगिक क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से कार्य करने पर जोर दिया।

अधिकारियों की कार्यप्रणाली की सराहना

रीको थाने के निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर टीना डाबी ने अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की सराहना की। साथ ही, जहां आवश्यक लगा, वहां सुधारात्मक निर्देश भी दिए। इस मौके पर थानाधिकारी भंवरसिंह सहित थाना स्टाफ और संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

राजकीय बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय का निरीक्षण

इसी दिन जिला कलक्टर ने बाड़मेर स्थित राजकीय बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, उपचार व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की। जिला कलक्टर ने पशुओं के इलाज से जुड़ी सेवाओं की जानकारी ली और उपचार प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए।

पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पशुपालकों को समय पर और उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए पशु चिकित्सालयों की कार्यप्रणाली प्रभावी और जिम्मेदार होनी चाहिए। उन्होंने स्टाफ की उपस्थिति, रिकॉर्ड संधारण और आपातकालीन सेवाओं की भी समीक्षा की।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. विनय मोहन, डॉ. रमेश कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला कलक्टर के निरीक्षण से प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।