अरावली में अवैध खनन पर डोटासरा का हमला, सरकार पर माफिया संरक्षण का आरोप

अरावली में अवैध खनन पर डोटासरा का बड़ा हमला: "पहाड़ गायब हो रहे हैं और सरकार माफियाओं को संरक्षण दे रही है"

Dec 28, 2025 - 15:52
अरावली में अवैध खनन पर डोटासरा का हमला, सरकार पर माफिया संरक्षण का आरोप

राजस्थान की सियासत में इन दिनों अरावली की पहाड़ियों और अवैध खनन का मुद्दा गरमाया हुआ है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य की वर्तमान सरकार पर खनन माफियाओं के साथ मिलीभगत का संगीन आरोप लगाया है। डोटासरा का कहना है कि प्रदेश में अवैध खनन रोकने के नाम पर केवल दिखावा हो रहा है, जबकि हकीकत में माफियाओं को खुली छूट दे दी गई है।

"अभियान महज दिखावा, फिक्स हो गई है 'बंदी'

डोटासरा ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता में आने के शुरुआती दिनों में सरकार ने महज सात दिनों का एक छोटा सा अभियान चलाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस अभियान के बाद अब अवैध खनन की "बंदी" फिक्स कर दी गई है। उनके अनुसार, प्रदेश में खनन का खेल अब व्यवस्थित तरीके से चल रहा है जिसमें भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हो चुकी हैं!

पीसीसी चीफ ने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि चूंकि मुख्यमंत्री स्वयं खान मंत्री भी हैं, इसलिए प्रदेश में हो रहे अवैध खनन की नैतिक जिम्मेदारी उनकी बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों से लेकर सत्तारूढ़ दल के मंत्री और विधायकों तक का हिस्सा तय हो चुका है। डोटासरा के मुताबिक, जहां-जहां अवैध माइनिंग हो रही है, वहां राजनीतिक संरक्षण साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।

"गायब हो रहे हैं पहाड़, अरावली माफिया के हवाले"

डोटासरा ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में अरावली के कई पहाड़ पूरी तरह गायब हो चुके हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछली सरकारों में भी ऐसी गतिविधियां हुई होंगी, लेकिन तब सरकारें उन्हें रोकने और नियंत्रित करने का प्रयास करती थीं। उन्होंने वर्तमान सरकार को घेरते हुए कहा कि यह पहली ऐसी सरकार है जो खनन माफिया को खुली छूट दे रही है और अरावली जैसी संवेदनशील पर्वतमाला को भी नहीं बख्शा जा रहा है।

टेंडर प्रक्रिया और दस्तावेजीकरण पर सवाल

अरावली क्षेत्र में खनन को लेकर हुए नए फैसलों पर डोटासरा ने कई तकनीकी सवाल भी उठाए। उन्होंने बताया कि अरावली क्षेत्र में आनन-फानन में 52 टेंडर जारी कर दिए गए हैं। डोटासरा ने पूछा, "जब किसी फैसले को आए अभी एक महीना भी नहीं बीता, तो इतनी जल्दी बिड (Bid) कैसे निकाल दी गईं? टेंडर की प्रक्रिया इतनी जल्दी पूरी कैसे हुई और माइनिंग से जुड़े जटिल दस्तावेज इतनी कम समय सीमा में कैसे तैयार हो गए?"

"पर्ची सरकार" और भ्रष्टाचार का आरोप

डोटासरा ने सरकार को "पर्ची सरकार" करार देते हुए कहा कि राजस्थान में वर्तमान में भ्रष्टाचार का तांडव चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरावली में हजारों ऐसी खानें थीं जो पहले अवैध श्रेणी में आने के कारण बंद पड़ी थीं, लेकिन अब सरकार उन्हें नियमित (Regularize) करने का विशेष कार्यक्रम चला रही है। यह सीधे तौर पर पर्यावरण और नियमों के साथ खिलवाड़ है।

विधानसभा में सरकार को घेरेगी कांग्रेस

कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ किया कि इस मुद्दे को ठंडा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी अरावली से जुड़े इन फैसलों पर सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगी। विपक्ष का इरादा सदन में इस मुद्दे पर सरकार को पूरी तरह घेरने का है।