अरावली संरक्षण को लेकर उदयपुर सहित कई जिलों में प्रदर्शन, पुलिस से हुई झड़प
अरावली बचाओ अभियान के तहत उदयपुर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प, हिरासत भी हुई।
उदयपुर। अरावली पर्वतमाला के संरक्षण को लेकर प्रदेशभर में विरोध तेज होता जा रहा है। ‘अरावली बचाओ’ अभियान के तहत सोमवार को उदयपुर, जोधपुर, सीकर सहित कई जिलों में लोगों ने जिला कलेक्टर कार्यालयों पर प्रदर्शन किया। उदयपुर में यह प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कहासुनी बढ़ गई। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इस दौरान प्रदर्शनकारी जमकर नारेबाजी करते नजर आए और पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
उदयपुर में कांग्रेस, करनी सेना और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता अरावली पर्वतमाला को बचाने की मांग को लेकर एकजुट हुए थे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ की पुलिस कर्मियों से बहस हो गई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अरावली के संरक्षण से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की व्याख्या को लेकर गंभीर चिंता है। उनका आरोप है कि पर्वतमाला को केवल ऊंचाई के आधार पर परिभाषित करना वैज्ञानिक और पर्यावरणीय दृष्टि से गलत है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चेतावनी दी कि यदि 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को संरक्षण के दायरे से बाहर रखा गया, तो इससे आसपास की ऊंची पहाड़ियों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा। इससे पूरी अरावली श्रृंखला के क्षरण की आशंका बढ़ सकती है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मौजूदा व्याख्या को वापस लिया जाए, अन्यथा आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
इधर, अरावली के निरंतर क्षरण और इसकी परिभाषा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले पर सामाजिक संगठन ‘नेशन फर्स्ट’ ने भी चिंता जताई है। संगठन की ओर से राष्ट्रपति, प्रधान न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री सहित राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजा गया है। पत्र में आग्रह किया गया है कि अरावली की रक्षा के लिए ठोस और दीर्घकालिक फैसला लिया जाए, ताकि इस प्राचीन पर्वतमाला को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा सके।