बाड़मेर-बालोतरा भूगोल विवाद: धोरीमन्ना में कांग्रेस की जन आक्रोश रैली
बाड़मेर-बालोतरा जिले की सीमाएं बदलने के विरोध में धोरीमन्ना में कांग्रेस की जन आक्रोश रैली, नेताओं का सरकार पर हमला
बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में बदलाव के विरोध में कांग्रेस की ओर से धोरीमन्ना में जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की मौजूदगी रही। भीड़ अधिक होने के कारण बाड़मेर-सांचौर नेशनल हाईवे पर यातायात को डायवर्ट करना पड़ा, जिससे कुछ समय के लिए जाम जैसे हालात बन गए।
11 दिनों से धरने पर बैठे हैं हेमाराम चौधरी
पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी पिछले 11 दिनों से धोरीमन्ना में धरने पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि बाड़मेर-बालोतरा का यह बदलाव जनता के हित में नहीं है और यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि यह धरना किसी पार्टी का नहीं बल्कि जनता का है और फैसला भी जनता की राय से ही होगा।
रैली में फंसी एम्बुलेंस, लोगों ने दिखाई संवेदनशीलता
जन आक्रोश रैली के दौरान एक एम्बुलेंस भीड़ में फंस गई। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए रास्ता बनाया और एम्बुलेंस को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटनाक्रम की सभी ने सराहना की।
डोटासरा का सरकार पर तीखा हमला
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंच से भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि परिसीमन और SIR के नाम पर सरकार तानाशाही कर रही है। डोटासरा ने कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव में जनता इन “बहरूपियों” को जवाब देगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से डरने के बजाय मजबूती से लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
पायलट बोले- 35 महीने में कांग्रेस की वापसी तय
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय परिसीमन में लोगों को जोड़ने की सोच थी। हेमाराम चौधरी जैसे नेता निस्वार्थ भाव से जनता के लिए लड़ रहे हैं। पायलट ने दावा किया कि 35 महीनों में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनेगी और इस मुद्दे को विधानसभा में पूरी ताकत से उठाया जाएगा।
टीकाराम जूली का बयान- जनता करेगी इलाज
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार “पर्ची” के भरोसे चल रही है, लेकिन आने वाले समय में जनता इसका इलाज करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए जमीनें बांटी हैं और आम जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है।
एसडीएम कार्यालय तक निकाली गई रैली, हुई धक्का-मुक्की
रैली के बाद हेमाराम चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय तक ज्ञापन देने पहुंचे। इस दौरान पुलिस और युवाओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया।
धरना खत्म करने पर अभी नहीं हुआ फैसला
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने हेमाराम चौधरी से धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन उन्होंने कहा कि यह फैसला जनता का होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जनता की राय लेकर ही आगे का कदम तय करेंगे।
क्या है पूरा मामला
राज्य सरकार ने 31 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना में बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में बदलाव किया। इसके तहत धोरीमन्ना और गुड़ामालानी उपखंडों को बाड़मेर से हटाकर बालोतरा में शामिल किया गया, जबकि बायतू को बालोतरा से हटाकर वापस बाड़मेर में जोड़ा गया। इसी फैसले के विरोध में धोरीमन्ना में आंदोलन और जन आक्रोश रैली आयोजित की गई।