भारत-पाक सीमा से सटे बाड़मेर के गांवों में रात का प्रतिबंध, 2 माह तक नहीं होगा आवागमन

बाड़मेर के सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा कारणों से रात 7 से सुबह 6 बजे तक विचरण पर रोक

Jan 12, 2026 - 18:41
भारत-पाक सीमा से सटे बाड़मेर के गांवों में रात का प्रतिबंध, 2 माह तक नहीं होगा आवागमन

भारत–पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बाड़मेर जिले के गांवों में सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट टीना डाबी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत सीमा से लगे दो किलोमीटर के दायरे में रात्रिकालीन विचरण पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश जिले की सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और किसी भी तरह की अवांछित गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

कहां लागू होगा प्रतिबंध

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध बाड़मेर जिले में भारत–पाक सीमा से सटे दो किलोमीटर क्षेत्र के सभी गांवों में प्रभावी रहेगा। इन गांवों में रात के समय बिना अनुमति आवागमन पूरी तरह निषिद्ध रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

प्रतिबंधित गांवों की लंबी सूची

प्रतिबंध के दायरे में आने वाले गांवों की संख्या काफी अधिक है। इनमें बूठिया, जुमा फकीर की बस्ती, तालब का पार, सजन का पार, सूंदरा, पांचला, हमीराणी मोती की बेरी, रोहिड़ी, सगोरालिया, मुनाबाव, अकली, मालाणा, छोटी खडीन, मखन का पार, अमी का पार, तामलोर, त्रिमोही, गडरारोड़, केरला, पदमड़ा, रिछयाली, बाड़मेर का पार, सजनाणी, नारे का पार, केरकोरी, पादरिया, पीरे का पार, पांधी का पार, लकड़ियाली, बनों की बस्ती, लधे का पार, चान्दाणियों का पार, झैलून, कबूल की ढाणी, कुम्हारों का टीबा, रासबानी, राठौड़ों का तला, माधुरी का तला, भभूते की ढाणी, भीलों का तला, उम्मेदपुरा, कल्याणपुरा, केलनोर, मीठडाऊ, जाटों का बेरा, बरवाल, लालपुर, रेलिया, दीपला, शोभाला जेतमाल, बाखासर, रामपुरा, हाथला, बछवाल और भलगांव सहित अनेक गांव शामिल हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि सूची में शामिल सभी गांवों में नियम समान रूप से लागू होंगे।

क्या रहेगा प्रतिबंधित समय

जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार इन सभी गांवों में शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान बिना सक्षम अधिकारी की वैध अनुमति के कोई भी व्यक्ति इन क्षेत्रों में प्रवेश या विचरण नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंड संहिता के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आम लोगों को सख्त चेतावनी

प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों और बाहर से आने वाले व्यक्तियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित समय में नियमों की अनदेखी न करें। सुरक्षा कारणों से लगाए गए इस आदेश का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य होगा। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

किन्हें मिलेगी छूट

इस आदेश से कुछ श्रेणियों को छूट भी दी गई है। कार्यपालक मजिस्ट्रेट, पुलिस, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी एवं कर्मचारी, जो कानून व्यवस्था बनाए रखने या अवांछित गतिविधियों की रोकथाम के लिए तैनात हैं, उन्हें इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।

दो माह तक प्रभावी रहेगा आदेश

जिला प्रशासन ने बताया कि यह आदेश आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सकेगा।कुल मिलाकर, बाड़मेर जिले के सीमावर्ती गांवों में लगाया गया यह रात्रिकालीन प्रतिबंध सुरक्षा के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे सीमा क्षेत्र में शांति और निगरानी दोनों को मजबूती मिलेगी।