FIR कराने की कीमत चुकाई जान देकर: भरतपुर में दहेज हिंसा ने ली 28 वर्षीय विवाहिता की जिंदगी
भरतपुर में दहेज उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला, FIR कराने के बाद विवाहिता की पीट-पीटकर हत्या।
राजस्थान के भरतपुर जिले से दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का एक बेहद झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां ससुराल वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराना एक विवाहिता के लिए जानलेवा साबित हुआ। 28 वर्षीय जनक श्री की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
FIR दर्ज होते ही बढ़ी प्रताड़ना
जानकारी के अनुसार, यह मामला गहनौली मोड़ थाना क्षेत्र के घड़ी बुराना गांव का है। मृतका जनक श्री ने 3 जनवरी को अपने पति नरेश, जेठ सुरेश व जगदीश, ससुर हरी सिंह और देवर दिनेश के खिलाफ मारपीट और दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया था कि शादी के बाद से ही उसे लगातार दहेज के लिए परेशान किया जा रहा है।परिवार के लोगों का आरोप है कि FIR की जानकारी मिलते ही ससुराल पक्ष और अधिक आक्रामक हो गया और महिला पर कहर टूट पड़ा।
लोहे की रॉड और डंडों से हमला, जहर भी पिलाया
परिजनों और पुलिस के अनुसार, FIR दर्ज होने के बाद आरोपियों ने जनक श्री को सरिए और डंडों से बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, उसे जबरन जहर भी पिलाया गया। हमले में उसके सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आईं।घटना के बाद उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और महिला को तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में आठ दिन चली जिंदगी की जंग
महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए 4 जनवरी को उसे भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर किया गया। यहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन 8 जनवरी की शाम इलाज के दौरान जनक श्री ने दम तोड़ दिया।डॉक्टरों के मुताबिक, महिला के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान थे और जहर देने की पुष्टि भी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामले में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।
भाई का आरोप: पंचायतें भी नहीं रोक सकीं अत्याचार
मृतका के भाई लोकेश ने बताया कि शादी के बाद से ही उसकी बहन को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। कई बार समाज की पंचायतें भी हुईं और समझौते की कोशिश की गई, लेकिन ससुराल वालों के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया।लोकेश का कहना है कि बहन ने जब अत्याचार से तंग आकर पुलिस का सहारा लिया, तो उसी का बदला उसकी जान लेकर लिया गया।
आरोपी फरार, पुलिस की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, पति सहित सभी आरोपी घटना के बाद से फरार हैं। उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।गहनौली मोड़ थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
दहेज के खिलाफ कानून पर फिर उठे सवाल
यह घटना भरतपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में दहेज प्रथा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली है। कानून होने के बावजूद अगर एक महिला को शिकायत दर्ज कराने की सजा जान देकर चुकानी पड़े, तो यह समाज और सिस्टम दोनों के लिए चेतावनी है।स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। यह मामला एक बार फिर दहेज जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने की जरूरत पर जोर देता है।