नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव का प्रचार अभियान बुधवार सुबह आठ बजे से थम जाएगा। मंगलवार को उम्मीदवारों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। नॉर्थ और साउथ कैंपस में रैलियां, रोड शो व डोर टू डोर कैंपेन के माध्यम से छात्रों से समर्थन की अपील की गई।
इस बार कुल 20 उम्मीदवार विभिन्न पदों के लिए मैदान में हैं। गुरुवार को मतदान होगा और शुक्रवार को परिणाम घोषित किए जाएंगे।
प्रमुख पदों के लिए टक्कर
इस बार अध्यक्ष पद के लिए कुल 8, उपाध्यक्ष पद के लिए 3, सचिव पद के लिए 4 और संयुक्त सचिव पद के लिए 5 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। हर प्रत्याशी ने अपने-अपने घोषणापत्र में शिक्षा, सुरक्षा, खेल, महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर फोकस किया है। छात्राओं-छात्रों के बीच बेहतर प्रभाव बनाने के लिए उम्मीदवारों ने अपने प्रचार अभियान में कोई कसर नहीं छोड़ी।
ABVP का मजबूत कैंपेन
ABVP ने इस बार चुनावी मुद्दों के रूप में शिक्षा, सुरक्षा, खेल, और महिला सशक्तिकरण को रखा। ABVP की ओर से अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आर्यन मान, उपाध्यक्ष गोविंद तंवर, सचिव कुणाल चौधरी और संयुक्त सचिव दीपिका झा चुनावी दौड़ में शामिल हैं। ABVP ने नॉर्थ-साउथ कैंपस में जोरदार रैलियों और रोड शो के माध्यम से प्रचार किया।
NSUI का प्रभावशाली कैंपेन
NSUI ने भी अपने प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंकी। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा और NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के साथ साउथ कैंपस में रोड शो किया। NSUI की तरफ से जोसलीन चौधरी अध्यक्ष पद की उम्मीदवार, राहुल झांसला उपाध्यक्ष, कबीर सचिव और लवकुश भदाना संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार हैं।
मतदान प्रक्रिया और छात्र सहभागिता
इस बार करीब 2.75 लाख छात्र-छात्राएं मतदान करेंगे। चुनाव के लिए कुल 700 ईवीएम सुरक्षित रखी गई हैं। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। प्रचार अभियान के समाप्त होते ही सभी की निगाहें गुरुवार के मतदान पर टिकी हैं, जो इस चुनावी संघर्ष का निर्णायक पल बन जाएगा।